हजारीबाग : हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड स्थित तारहेसा गांव में मंगलवार सुबह गांव के पुजारी नाया होरिल गंझू की अचानक मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि वे लंबे समय से एनटीपीसी और बीजीआर कंपनी से गांव के मंदिर क्षेत्र में डोजरिंग न करने और वहां के रास्ते को सुरक्षित रखने की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया। इसके अलावा, गांव में बढ़ते प्रदूषण की वजह से कई बीमारियां फैल रही हैं, लेकिन कंपनी इस समस्या को हल करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है।

ग्रामीणों का गुस्सा फूटा, कंपनी का काम रोका
गांव के हालात तनावपूर्ण होते जा रहे हैं, और इसके विरोध में ग्रामीणों ने कंपनी का काम पूरी तरह से बंद कर दिया है। इसके साथ ही, उन्होंने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। इस बीच प्रशासन ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया है। गांववासियों ने बताया कि वे कई बार उपमहाप्रबंधक सुभाष प्रसाद गुप्ता, प्रबंधक शिव प्रसाद, और एचआर रोहित पाल के खिलाफ शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अधिकारी एनटीपीसी के अधिकारियों से मिलीभगत के कारण उनकी बातों को नजरअंदाज कर रहे हैं।
प्रदूषण से परेशान ग्रामीण
गांव में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बीमारियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर वे कई बार कंपनी से कार्रवाई की मांग कर चुके हैं, लेकिन कंपनी ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। अब, पुजारी की मौत के बाद, ग्रामीणों का गुस्सा चरम पर पहुंच चुका है, और वे किसी भी स्थिति में अपनी मांगों को स्वीकार कराने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प ले चुके हैं।

