Hazaribag (Jharkhand) : झारखंड के लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा (हजारीबाग जेल) में मंगलवार देर शाम जेल प्रशासन ने सख्त अनुशासन स्थापित करने की दिशा में एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। जेल महानिरीक्षक (जेल IG) के सीधे निर्देश पर एक जेलर समेत छह कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि संविदा पर कार्यरत छह भूतपूर्व सैनिक कक्षपालों की सेवा समाप्त कर दी गई है।
कारा अधीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह ने बुधवार को इस कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि एक कारापाल, तीन उच्च कक्षपाल और दो कक्षपाल को निलंबित किया गया है। सूत्रों के अनुसार, यह सख्त कार्रवाई जेल के भीतर फैल रही अव्यवस्था, बंदियों के साथ सांठगांठ रखने और उन्हें अनुचित सुविधाएँ उपलब्ध कराने के गंभीर आरोपों के आधार पर की गई है।
सुरक्षा में लापरवाही की हुई पुष्टि
बताया जा रहा है कि इन निलंबित कर्मियों पर जेल अनुशासन भंग करने और कुछ प्रभावशाली बंदियों के साथ संपर्क में रहने का भी सीधा आरोप है। इस पूरे मामले की जांच अशोक शर्मा की मॉनिटरिंग में की गई। जांच रिपोर्ट में जेल के अंदर अनुशासनहीनता और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही की पुष्टि होने के बाद यह कदम उठाया गया।
कारा अधीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि आगे भी जांच जारी है और दोषी पाए जाने वाले अन्य कर्मियों पर भी सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से जेल प्रशासन में बड़ा हड़कंप मच गया है। सूत्र बताते हैं कि उच्च अधिकारियों के स्तर पर जेल की कार्यप्रणाली पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

