Hazaribag: हजारीबाग में नगर निगम चुनाव की पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद नवनिर्वाचित महापौर अरविंद कुमार और उप महापौर अविनाश यादव ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। समाहरणालय सभा कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में महापौर, उप महापौर और सभी वार्ड पार्षदों को शपथ दिलाई गई।
शपथ ग्रहण के बाद महापौर अरविंद कुमार ने नगर निगम कार्यालय में प्रवेश से पहले हवन का आयोजन कराया। बताया जा रहा है कि झारखंड में संभवतः यह पहली बार देखने को मिला है, जब किसी जनप्रतिनिधि ने कार्यालय में प्रवेश से पहले वैदिक रीति-रिवाज से हवन कराया हो। हवन कार्यक्रम में महापौर अरविंद कुमार राणा के साथ उनकी पूरी टीम और परिवार के सदस्य मौजूद रहे। गुरुकुल की वीरांगनाओं ने वैदिक विधि-विधान से हवन संपन्न कराया। लगभग एक घंटे तक चले इस कार्यक्रम के बाद महापौर ने नगर निगम कार्यालय में प्रवेश किया। इस दौरान वे नंगे पैर ही कार्यालय पहुंचे।
कार्यालय में प्रवेश करने के बाद भी उन्होंने अपनी कुर्सी पर नहीं बैठने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जनता से किए गए 19 वादों में से किसी एक वादे को पूरा करने के बाद ही वे अपनी कुर्सी पर बैठेंगे।महापौर अरविंद कुमार ने कहा कि हवन सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है और किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत इससे करना परंपरा रही है। इसी भावना के साथ उन्होंने अपनी टीम और परिवार के साथ हवन का आयोजन कराया।
उन्होंने कहा कि नगर निगम का एक अहम कार्य जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करना होता है, लेकिन इसमें लोगों को काफी परेशानी होती है। इस समस्या का समाधान करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी।अरविंद कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था और भविष्य में किसी राजनीतिक दल से जुड़ने की उनकी कोई योजना नहीं है। उनका कहना है कि मानव सेवा के लिए किसी पार्टी से जुड़ना जरूरी नहीं होता।
इधर, उप महापौर पद के लिए हुए चुनाव में अविनाश यादव निर्वाचित हुए। इस पद के लिए मिताली रश्मि और अविनाश यादव मैदान में थे। वार्ड पार्षदों के मतदान में मिताली रश्मि को 13 वोट मिले, जबकि अविनाश यादव को 22 मत प्राप्त हुए।अविनाश यादव ने कहा कि वे वार्ड पार्षदों और शहर की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
नगर निगम क्षेत्र का विकास करना उनकी प्राथमिकता होगी और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी जल्द किया जाएगा।स्थानीय लोगों ने भी महापौर के इस कदम का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि सनातन परंपरा में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत पूजा-पाठ से की जाती है, जिससे कार्य में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।

