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Hemant Soren Emotional Post On Shibu Soren Jayanti : शिबू सोरेन जयंती 2026 : पिता को याद कर भावुक हुए CM हेमंत सोरेन, दिशोम गुरु की जयंती पर लिखा इमोशनल संदेश

by Rakesh Pandey
Hemant Soren Emotional Post On Shibu Soren Jayanti
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Ranchi (Jharkhand) : झारखंड की राजधानी रांची में आज झारखंड आंदोलन के प्रणेता और राज्य के निर्माता दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती श्रद्धा और भावनाओं के साथ मनाई जा रही है। यह अवसर इसलिए भी खास है क्योंकि गुरुजी के निधन के बाद यह उनका पहला जन्मदिन है। इस मौके पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता को याद करते हुए सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर एक भावुक और प्रेरणादायी पोस्ट साझा की, जो तेजी से चर्चा में आ गई है।

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सीएम हेमंत सोरेन का पोस्ट

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह दिन उनके लिए केवल एक महान नेता की जयंती नहीं, बल्कि उस पिता की स्मृति है, जिन्होंने उन्हें जीवन के मूल्यों और संघर्ष का अर्थ सिखाया। उन्होंने लिखा कि आज, मेरे बाबा, दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी की जन्मजयंती है। यह मेरे लिए महज एक महान नेता का जन्मदिन नहीं है, बल्कि उस पिता की याद है जिन्होंने मुझे जीवन जीने की कला सिखाई, संघर्ष करना सिखाया और बिना झुके अपनी गरिमा, मूल्यों और सच्चाई पर अडिग रहना सिखाया।” मुख्यमंत्री ने अपने शब्दों में गुरुजी के व्यक्तित्व, संघर्ष और आदिवासी समाज के प्रति उनके समर्पण को गहराई से रेखांकित किया।

जल-जंगल-जमीन के संघर्ष को किया याद

हेमंत सोरेन ने अपने पोस्ट में दिशोम गुरु के जीवन संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में अन्याय के सामने कभी सिर नहीं झुकाया। जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए गुरुजी ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने लिखा कि उन्होंने अपने पिता को कई बार थका हुआ जरूर देखा, लेकिन कभी टूटते नहीं देखा। उनकी वही अटूट इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प आज भी उनके भीतर जीवित है और उन्हें जनता के लिए काम करने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने एक पुत्र के रूप में गुरुजी से मिली सीख को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पिता से सादगी, मुश्किलों से भागने के बजाय उनका सामना करने का साहस और सत्ता को जनसेवा का माध्यम मानने की सीख ली। अपने संदेश के अंत में हेमंत सोरेन ने आगे लिखा कि वे जीवन भर अपने पिता द्वारा दिखाए गए मार्ग और आदर्शों पर चलेंगे, चाहे कितनी भी चुनौतियां क्यों न आएं। उन्होंने पोस्ट का समापन इन शब्दों के साथ किया है, “जय झारखंड! जय दिशोम गुरु! आपकी स्मृति हमेशा अमर रहे।”

कल्पना सोरेन ने कहा- भरे-पूरे झारखंड व घर में अजीब सी खामोशी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी व विधायक कल्पना सोरेन ने दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन की जयंती पर उन्हें याद करते हुए एक्स पर मर्मस्पर्शी पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा है कि आज बाबा की जयंती है। झारखंड के साथ हमारा घर उनकी यादों से भरा है, पर उनकी कमी से एक अजीब सी ख़ामोशी भी है। उनके बिना, परिवार का मतलब ही अधूरा लगता है।

वो हमारी नींव थे, हमारी आत्मा थे। उन्होंने हमें सिखाया कि असली परिवार ईमानदारी, सम्मान और एक-दूसरे के साथ खड़े रहने से बनता है। आप नहीं हैं पर आपके सिखाए हुए मूल्य हमेशा हमारे साथ हैं। आपका हमारे साथ आज नहीं होना हमें याद दिलाता है कि अब हमें एक-दूसरे के लिए और मजबूत बनना है, और उनकी विरासत को आगे बढ़ाना है। बाबा, आप हमारे दिलों में हमेशा बसे हो। हम सब आपको याद करते हैं और आपको नमन करते हैं।

जयंती पर होंगे कई कार्यक्रम

शिबू सोरेन जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज करीब 5000 छात्रों से संवाद करेंगे और गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लाभार्थियों को कार्ड वितरित करेंगे। वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता और कार्यकर्ता राज्यभर में गरीबों और जरूरतमंदों के बीच कंबल और फल वितरण जैसे सामाजिक कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जयंती पर झारखंड में राजनीतिक, सामाजिक और भावनात्मक स्तर पर व्यापक असर देखने को मिल रहा है, जहां उन्हें एक नेता ही नहीं बल्कि आदिवासी अस्मिता और संघर्ष की जीवित प्रतीक के रूप में याद किया जा रहा है।

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