नई दिल्ली : गृह मंत्रालय ने देश में पनप रही आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए 67 आतंकी और गैरकानूनी संगठनों की एक अपडेटेड लिस्ट जारी की है। इस सूची में शामिल संगठनों को प्रतिबंधित घोषित किया गया है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी इस सूची में 45 संगठनों को आतंकी के रूप में चिन्हित किया गया है। वहीं, 22 संगठनों को गैरकानूनी घोषित किया गया है।

इन संगठनों पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
गृह मंत्रालय द्वारा जारी अपडेटेड सूची में उसने देश भर में चल रहे आतंकवादी और गैरकानूनी संगठनों को प्रतिबंधित करने की घोषणा की है। इस लिस्ट में जैश- ए- मोहम्मद जैसे कुख्यात आतंकी संगठन का भी नाम शामिल है। इन संगठनों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गृह मंत्रालय द्वारा साझा किए गए, इस सूची में 45 संगठनों को यूएपीए की धारा 35 के अंतर्गत आतंकी संगठन के रूप में चिन्हित किया गया है। वही 22 संगठनों को यूएपीए की धारा 3(1) के तहत गैरकानूनी संगठन के रूप में घोषित किया गया है।
सदस्यों की संपत्ति भी की जा सकती जब्त
केंद्र सरकार हमेशा से ही देश में आतंकवाद और गैरकानूनी गतिविधियों की रोकथाम के उद्देश्य से ऐसे प्रतिबंधित संगठनों की घोषणा करता रहा है। इस संबंध में निरंतर गृह मंत्रालय द्वारा अपडेटेड सूची जारी की जाती है। इसी क्रम में 45 आतंकी संगठन और 22 गैरकानूनी संगठनों की लिस्ट जारी की गई है। इस लिस्ट में शामिल कई संगठन भारत में अलगाववाद, उग्रवाद और अन्य हिंसक गतिविधियों में संलिप्त रहे है। यूएपीए के अंतर्गत सूचीबद्ध इन संगठनों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान है। जिसमें संगठन में शामिल सदस्यों की गिरफ्तारी सहित उनकी संपत्ति जब्त करना भी शामिल है।
लिस्ट में शामिल हैं ये संगठन
गृह मंत्रालय ने जिन संगठनों को प्रतिबंधित घोषित किया है उनमें आतंकवादी संगठनों के रूप में लश्कर- ए- तैयबा, जैश-ए- मोहम्मद, हिज्बुल मुजाहिदीन, इस्लामिक स्टेट (आइएस), खालिस्तान लिबरेशन फोर्स, बब्बर खालसा इंटरनेशनल, खालिस्तान कमांडो फोर्स, हरकत- उल- मुजाहिदीन, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स, इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन, जमात- उल- मुजाहिदीन बांग्लादेश आदि शामिल हैं।
इन 22 संगठनों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
इस लिस्ट में जिन 22 संगठनों की गैरकानूनी संगठनों के रूप में घोषणा की गई है उनमें स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI), जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF), पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और इसके सहयोगी संगठन, खालिस्तान समर्थक संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (SFJ) और मणिपुर के कुछ उग्रवादी संगठन सम्मिलित हैं। इन संगठनों की गतिविधियों से देश की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। इन्होंने देश में अलगाववाद को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

