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Durga Puja festival : लौजोड़ा कला में दुर्गा पूजा को लेकर अपार उत्साह, 3 दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम

by Rajeshwar Pandey
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चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड की गोपीनाथपुर पंचायत स्थित लौजोड़ा कला गांव में दुर्गा पूजा को लेकर अपार उत्साह देखा जा रहा है। यहाँ ‘श्री श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति’ द्वारा आयोजित 54वें वर्षगांठ सह गोल्डन जुबली समारोह के अवसर पर शुक्रवार को पूजा पंडाल का विधिवत उद्घाटन किया गया।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद झारखंड आंदोलनकारी भुवनेश्वर महतो ने फीता काटकर पूजा पंडाल का शुभारंभ किया। इस गरिमामय अवसर पर पूर्व जिला परिषद सदस्य भूमिका मुंडा, पूर्व ग्राम मुखिया लक्ष्मी मुंडा, पूजा समिति के संरक्षक रामलाल मुंडा, अध्यक्ष हाथीराम मुंडा, उपाध्यक्ष हराधन मुंडा, सचिव अर्जुन मुंडा, सह सचिव अनिल मुंडा, सलाहकार संतोष मुंडा, चरण गागराई, शशी सोय एवं पिंकी जामुदा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

3 दिनों तक सजेंगे सांस्कृतिक मंच, स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा प्रोत्साहन

पूजा समिति द्वारा महासप्तमी से नवमी तक तीन दिवसीय विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है।

शनिवार 17 अक्टूबर

स्थानीय कलाकारों के लिए डांस प्रतियोगिता का आयोजन।

प्रथम पुरस्कार: ₹10,000

द्वितीय पुरस्कार: ₹7,100

तृतीय पुरस्कार: ₹5,000

चतुर्थ पुरस्कार: ₹3,000

विशेष

सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार के रूप में हाथ घड़ी देकर सम्मानित किया जाएगा।

रविवार 18 अक्टूबर

बूगी-बूगी डांस एवं चपोल-चपोल डांस का धमाकेदार आयोजन।

सोमवार 19 अक्टूबर

रांची से पधारे सुप्रसिद्ध कलाकारों द्वारा नागपुरी, हो, मुंडा, उरांव एवं संताल संस्कृति पर आधारित लोकगीत व नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुति। इस शाम ‘किस्नु मुंडा एंड ग्रुप’ एवं चर्चित नागपुरी गायिकाओं,नर्तकों का प्रदर्शन मुख्य आकर्षण रहेगा।

 सामाजिक एकता और सांस्कृतिक सद्भाव का प्रतीक:भुवनेश्वर

झारखंड आंदोलनकारी भुवनेश्वर महतो ने कहा कि मां दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक एकता और सांस्कृतिक सद्भाव का प्रतीक है। लौजोड़ा कला की सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति पिछले 54 वर्षों से इस परंपरा को संजोए हुए है, जो बेहद सराहनीय है। मां दुर्गा का आशीर्वाद हमारे पूरे क्षेत्र और झारखंड पर बना रहे, यही मेरी मनोकामना है।

अपनी समृद्ध नागपुरी व आदिवासी लोक संस्कृति को बढ़ावा देना:संरक्षक

समिति के संरक्षक रामलाल मुंडा ने कहा कि हमारे इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की छिपी हुई प्रतिभाओं को आगे लाना और अपनी समृद्ध नागपुरी व आदिवासी लोक संस्कृति को बढ़ावा देना है। हम पूरे क्षेत्रवासियों और ग्रामीणों से अपील करते हैं कि वे परिवार सहित इन आयोजनों में शामिल होकर कलाकारों का उत्साहवर्धन करें और पूजा का आनंद उठाएं।

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