
Jamshedpur : दुर्गा पूजा के दौरान शहर में शांति, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और टाटा स्टील यूआईएसएल ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़, शोभायात्रा और प्रतिमा विसर्जन को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जिले में 300 मजिस्ट्रेट और 2140 पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। इनकी ड्यूटी शुरू हो चुकी है, जो 22 अक्टूबर की सुबह तक जारी रहेगी।
उपायुक्त राजीव रंजन और एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संयुक्त आदेश जारी किया है। पूर्वी सिंहभूम जिले को 13 सुपर जोन में बांटा गया है, जबकि जमशेदपुर शहर में चार जोन बनाए गए हैं। प्रत्येक सुपर जोन में वरिष्ठ अधिकारी तैनात रहेंगे। शहर के चारों जोन में 39 अधिकारियों को दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया है।
पूजा समितियों के लिए पुलिस ने जारी की गाइडलाइन
एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब ने पूजा समितियों और श्रद्धालुओं के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रतिमा स्थापना और जुलूस निकालने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। शोभायात्रा को लाइसेंस में निर्धारित मार्ग से ही निकालना होगा।
पूजा पंडालों में अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था रखने का निर्देश दिया गया है। किसी भी ऐसी झांकी, तस्वीर, स्लोगन या दृश्य का प्रदर्शन नहीं करने को कहा गया है, जिससे किसी की धार्मिक भावना आहत हो। पूजा समितियों को ड्यूटी पर तैनात दंडाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों का सहयोग करने की भी हिदायत दी गई है।
पुलिस ने डीजे बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है। लाउडस्पीकर का इस्तेमाल निर्धारित मानकों के अनुरूप ही किया जा सकेगा। जुलूस में हथियारों का प्रदर्शन, भड़काऊ नारेबाजी, जबरन चंदा वसूली और सड़क या राजमार्ग अवरुद्ध करने पर रोक रहेगी। धार्मिक स्थलों, अस्पतालों और स्कूलों के आसपास जुलूस रोककर शोर-शराबा करने से भी मना किया गया है। श्रद्धालुओं से यातायात नियमों का पालन करने और किसी भी परेशानी की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई है।
बिजली, पानी और सफाई व्यवस्था दुरुस्त
दुर्गा पूजा के दौरान शहरवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए टाटा स्टील यूआईएसएल ने भी विशेष तैयारी की है। कंपनी के अनुसार, सभी प्रमुख सब-स्टेशनों का निरीक्षण और रखरखाव पूरा कर लिया गया है। बिजली आपूर्ति में किसी तरह की खराबी आने पर तत्काल कार्रवाई के लिए ब्रेकडाउन टीमों को 24 घंटे अलर्ट पर रखा जाएगा।
पूजा पंडालों को वैध बिजली कनेक्शन उपलब्ध करा दिए गए हैं। शहर की स्ट्रीट लाइट और हाइमास्ट लाइटों की मरम्मत भी पूरी कर ली गई है। किसी तरह की शिकायत या समस्या के समाधान के लिए कॉल सेंटर चौबीसों घंटे सक्रिय रहेगा।
प्रमुख सड़कों की मरम्मत के साथ विसर्जन घाटों की सफाई, ड्रेसिंग और लेबलिंग का काम भी पूरा कर लिया गया है। घाटों पर ड्रॉप-गेट और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। पेयजल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए टैंकर तैनात रहेंगे। कचरा प्रबंधन के लिए पूजा पंडालों में डस्टबिन रखवाए गए हैं। अनुमान है कि उत्सव के दौरान शहर में 80 से 90 टन अतिरिक्त कचरा निकल सकता है।
13 सुपर जोन में सुरक्षा की निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था के तहत 165 सशस्त्र हवलदार, 461 सशस्त्र जवान, 1184 लाठीधारी जवान और 145 महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इनके अलावा एएसआई, सब-इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर और डीएसपी स्तर के अधिकारी भी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। अन्य जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया जाएगा। रैपिड एक्शन फोर्स (रैफ) की भी प्रतिनियुक्ति की गई है।
दोनों अनुमंडल पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में विधि-व्यवस्था की निगरानी करेंगे। जिला प्रशासन ने पूजा और विसर्जन के दौरान संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने की व्यवस्था की है।
शहर में तीन सहायक कंट्रोल रूम
आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए साकची थाना स्थित जिला नियंत्रण कक्ष के अलावा शहर में तीन सहायक कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। ये मानगो चौक, स्टेशन गोलचक्कर और गोलमुरी थाना परिसर में संचालित होंगे। सभी नियंत्रण कक्षों में अलग-अलग मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
21 अक्टूबर को बंद रहेंगी शराब दुकानें
प्रतिमा विसर्जन के मद्देनजर 21 अक्टूबर को जिले की सभी शराब दुकानें बंद रहेंगी। उपायुक्त राजीव रंजन ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। प्रशासन ने पूजा समितियों और आम लोगों से नियमों का पालन करते हुए दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने की अपील की है।

