लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में रविवार (16 अक्टूबर) की रात राम बारात निकालने से रोकने पर बवाल मच गया। माहौल को देखते हुए इलाके में काफी संख्या में पुलिस की तैनाती कर दी गई है। वहीं, पुलिस ने 150 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। हिंदू संगठनों ने तलवार लहराकर रास्ता रोकने का आरोप लगाया है।
घटना अलीगढ़ के थाना चंडोस की है। यहां राम बारात निकालने के दौरान रूट को लेकर दो समुदायों में कहासुनी हो गई। भाजपा नेता जय शर्मा के अनुसार हिंदू संगठन के लोगों राम बारात निकाली थी, जिसमें पुलिस व प्रशासन के लोग भी शामिल थे।
हिंदू संगठन का आरोप
भाजपा नेता के अनुसार जैसे ही राम बारात मस्जिद के सामने पहुंची, मस्जिद में से 15 से 16 लोग निकलकर बाहर आ गए और तलवार से एक युवक पर हमला कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में हाथापाई शुरू हो गई। आरोप है कि थोड़ी ही देर में मस्जिद से पथराव भी शुरू हो गया।
जिला अस्पताल में चल रहा उपचार
पथराव में करीब एक दर्जन लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों का इलाज मलखान सिंह जिला अस्पताल में चल रहा है। हिूंदू संगठन के लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि समुदाय विशेष के लोगों ने माहौल बिगाड़ने की नीयत से राम बारात में पथराव किया. घटना के बाद हिंदूवादी नेताओं ने थाना का घेराव करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की।
पुलिस ने कहा-दोनों पक्षों को समझा दिया गया है
मामले में एसपी सिटी ने बताया कि थाना चंडोस में राम बारात निकालने के दौरान रूट को लेकर विवाद हो गया, जिसमें एक युवक घायल हो गया। वहीं, एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि पुलिस फोर्स और अधिकारियों ने दोनों पक्ष के लोगों को समझा कर शांत करा दिया है।
विहिप नेता ने सुनयोजित हमला करार दिया
राम बारात यात्रा पर पथराव को लेकर विश्व हिंदू परिषद के (विहिप) के केंद्रीय प्रबंधन समिति के सदस्य व विहिप नेता राजकमल गुप्ता ने इसे सुनियोजित हमला करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह मस्जिद है या फिर ट्रेनिंग कैंप। अब क्या मस्जिदों में तलवारें रखी जा रही हैं। ऐसे मस्जिदों की जांच होनी चाहिए।

