

गुमला : चैनपुर थाना क्षेत्र के मड़ईकोना गांव तीन वर्षों से सामाजिक बहिष्कार का दंश झेल रहे एक परिवार को ग्रामीणों ने फिर से समाज में मिला लिया।

जानकारी के अनुसार मड़ईकोना निवासी बसंत तिर्की सहित सभी 6 सदस्यों को लगभग 3 वर्ष पूर्व पंचायत की बात नहीं मानने पर सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया था। तीन वर्ष बाद बसंत ने 16 जून को चैनपुर थाना परिसर में थाना दिवस के मौके पर अपनी पीड़ा बयान की।

इसके उपरांत जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने अगुवाई करते हुए मुखिया शोभा देवी, उप मुखिया तेरेसा लकड़ा, वार्ड सदस्य रश्मि भारती एवं जेएसएलपीएस के सदस्यों के सहयोग से मड़ईकोना गांव में ग्रामीणों संग एक बैठक कर उन्हें समझा-बुझाकर बसंत तिर्की एवं उसके परिवार को वापस समाज में शामिल कराया।

बसंत तिर्की ने भी ग्रामीणों से माफी मांगते हुए कहा कि वे गांव समाज से मिलकर चलेंगे एवं सभी के सहमति के अनुसार ही कार्य करेंगे। ग्रामीणों ने भी जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा सहित सभी जनप्रतिनिधियों का सही राह दिखाने के लिए आभार जताया।
गुमला : चैनपुर थाना क्षेत्र के मड़ईकोना गांव तीन वर्षों से सामाजिक बहिष्कार का दंश झेल रहे एक परिवार को ग्रामीणों ने फिर से समाज में मिला लिया।
जानकारी के अनुसार मड़ईकोना निवासी बसंत तिर्की सहित सभी 6 सदस्यों को लगभग 3 वर्ष पूर्व पंचायत की बात नहीं मानने पर सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया था। तीन वर्ष बाद बसंत ने 16 जून को चैनपुर थाना परिसर में थाना दिवस के मौके पर अपनी पीड़ा बयान की।
इसके उपरांत जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने अगुवाई करते हुए मुखिया शोभा देवी, उप मुखिया तेरेसा लकड़ा, वार्ड सदस्य रश्मि भारती एवं जेएसएलपीएस के सदस्यों के सहयोग से मड़ईकोना गांव में ग्रामीणों संग एक बैठक कर उन्हें समझा-बुझाकर बसंत तिर्की एवं उसके परिवार को वापस समाज में शामिल कराया।
बसंत तिर्की ने भी ग्रामीणों से माफी मांगते हुए कहा कि वे गांव समाज से मिलकर चलेंगे एवं सभी के सहमति के अनुसार ही कार्य करेंगे। ग्रामीणों ने भी जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा सहित सभी जनप्रतिनिधियों का सही राह दिखाने के लिए आभार जताया।
