
Jamshedpur : सालों से बंद इंकैब इंडस्ट्रीज लिमिटेड से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 16 अक्टूबर 2026 को शंभू शरण पांडेय बनाम ट्रॉपिकल वेंचर्स कंपनी लिमिटेड एवं अन्य से संबंधित दो सिविल अपीलों को वापस लेने की अनुमति देते हुए खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति पामिडिघंतम श्री नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने यह आदेश पारित किया।
अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, ये अपीलें नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) के 30 जून 2026 के फैसले से संबंधित थीं। 16 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता की ओर से पेश वकील ने दोनों सिविल अपीलों को वापस लेने की अनुमति मांगी। कोर्ट ने अनुमति प्रदान करते हुए अपीलों को वापस लिया हुआ मानकर खारिज कर दिया।
वापस लेने के आधार पर हुआ निपटारा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश में स्पष्ट है कि अपीलकर्ता की ओर से वापस लेने की अनुमति मांगे जाने पर अदालत ने इसे स्वीकार किया। इसलिए इस आदेश को अपीलों के गुण-दोष पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
इंकैब इंडस्ट्रीज से जुड़े व्यापक विवाद में एनसीएलएटी ने 30 जून 2026 को ट्रॉपिकल वेंचर्स कंपनी लिमिटेड, पेगासस एसेट्स रिकंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और कंपनी की समाधान प्रक्रिया से जुड़े मामलों में आदेश दिया था। उसमें ट्रॉपिकल वेंचर्स के दावे की राशि तथा सुरक्षित ऋणदाता की स्थिति सहित कई मुद्दों पर निर्णय दिया गया था।
हालांकि, 16 अक्टूबर के सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से अकेले यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि इंकैब इंडस्ट्रीज के जमशेदपुर प्लांट को चालू करने या कंपनी के भविष्य को लेकर कोई नया निर्देश जारी किया गया है। प्लांट के संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए संबंधित अन्य न्यायिक आदेशों और समाधान योजना की स्थिति को भी देखना आवश्यक होगा।

