
कोडरमा : झारखंड के कोडरमा में ठगी का एक मामला सामने आया है, जहां सरकारी गाड़ी से घर पहुंचाने का भरोसा देकर एक यात्री को निशाना बनाया गया। नागपुर से ट्रेन के जरिए कोडरमा जंक्शन पहुंचे मरकच्चो निवासी बीरेंद्र यादव को दो अज्ञात लोगों ने मुफ्त में घर छोड़ने का झांसा दिया। इसके बाद दोनों उन्हें तिलैया थाना क्षेत्र के सीएच स्कूल रोड ले गए। वहां बैग की जांच कराने की बात कहकर ठगों ने उनका सामान अपने कब्जे में ले लिया और मौके से फरार हो गए। पीड़ित के अनुसार बैग में 20 हजार रुपये नकद, करीब 15 हजार रुपये की चांदी की चेन, नए कपड़े और अन्य सामान रखे थे। कुल नुकसान लगभग 35 हजार रुपये बताया गया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कोडरमा जंक्शन पर मिले दो अज्ञात व्यक्ति
जानकारी के अनुसार, मरकच्चो निवासी बीरेंद्र यादव शुक्रवार सुबह नागपुर से ट्रेन के जरिए कोडरमा जंक्शन पहुंचे थे। स्टेशन पर उतरने के बाद उनकी मुलाकात दो अज्ञात व्यक्तियों से हुई। दोनों ने खुद को मरकच्चो जाने वाला बताया और सरकारी गाड़ी से उन्हें मुफ्त में घर पहुंचाने का भरोसा दिलाया।
घर तक पहुंचाने की पेशकश पर बीरेंद्र यादव उनके झांसे में आ गए। इसके बाद दोनों व्यक्ति उन्हें बाइक से लेकर तिलैया थाना क्षेत्र के सीएच स्कूल रोड पहुंचे। पीड़ित को उस समय इस बात का अंदाजा नहीं था कि घर पहुंचाने का भरोसा देकर उन्हें ठगी का शिकार बनाने की योजना बनाई जा रही है।
बैग की जांच के नाम पर बदला सामान
सीएच स्कूल रोड पहुंचने के बाद दोनों अज्ञात व्यक्तियों ने बीरेंद्र यादव से कहा कि कार्यालय में उनके बैग की जांच की जाएगी। इसी बहाने उन्होंने यात्री का बैग अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद ठगों ने उन्हें एक दूसरा बैग थमा दिया और दावा किया कि उसमें बैंक के रुपये रखे हुए हैं। उन्होंने बीरेंद्र यादव से उस बैग को संभालकर रखने को कहा।
बैग की जांच और उसमें बैंक के रुपये होने की बात कहकर दोनों ने पीड़ित को भरोसे में लेने की कोशिश की। इस दौरान बीरेंद्र यादव को शक नहीं हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी की जा रही है। दोनों व्यक्ति उनका असली बैग लेकर वहां से निकल गए, जबकि पीड़ित के पास दूसरा बैग छोड़ दिया गया।
काफी देर तक नहीं लौटे दोनों ठग, तब हुआ शक
दोनों व्यक्तियों के काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर बीरेंद्र यादव को संदेह हुआ। उन्होंने अपने पास मौजूद बैग खोला तो वह खाली मिला। इसके बाद उन्हें समझ में आया कि घर पहुंचाने का भरोसा देकर उनके साथ ठगी की गई है। तब तक दोनों अज्ञात व्यक्ति उनका असली बैग लेकर फरार हो चुके थे।
पीड़ित के मुताबिक, उनके बैग में 20 हजार रुपये नकद, करीब 15 हजार रुपये की चांदी की चेन, नए कपड़े और अन्य जरूरी सामान रखा हुआ था। इस तरह ठगों ने लगभग 35 हजार रुपये के सामान पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद बीरेंद्र यादव ने पुलिस से शिकायत की और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
तिलैया थाना पुलिस कर रही ठगी के मामले की जांच
घटना की शिकायत मिलने के बाद तिलैया थाना पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। पुलिस के सामने अब दोनों अज्ञात व्यक्तियों की पहचान करना और उनके फरार होने से जुड़े सुराग जुटाना महत्वपूर्ण है। साथ ही, यह भी पता लगाने की जरूरत है कि आरोपियों ने स्टेशन पर यात्री को किस तरह निशाना बनाया और क्या वे पहले भी इस तरह की वारदात में शामिल रहे हैं।

