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Ranchi News : रांची के तमाड़ में बकरी बाजार से मिले 19 हजार रुपये के जाली नोट, बंगाल के साप्ताहिक हाट से जुड़े तार

by Rakesh Pandey
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रांची : झारखंड की राजधानी रांची के तमाड़ थाना क्षेत्र में बकरियों की खरीद-बिक्री के दौरान संदिग्ध जाली नोट मिलने का मामला सामने आया है। सिंदवारी के साप्ताहिक बाजार में एक व्यापारी के पास मौजूद 500 रुपये के नोटों पर किसानों को शक हुआ। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने व्यापारी को हिरासत में लेकर तलाशी ली। इस दौरान उसके पास से कुल 21,500 रुपये नकद बरामद हुए, जिनमें 19,000 रुपये के नोट संदिग्ध बताए जा रहे हैं। व्यापारी ने पूछताछ में दावा किया कि उसे ये रुपये पश्चिम बंगाल के एक साप्ताहिक हाट में बकरियां बेचने के बाद मिले थे। पुलिस अब बरामद नोटों की जांच और उनके स्रोत का पता लगाने में जुटी है।

तमाड़ के सिंदवारी साप्ताहिक बाजार में कैसे सामने आया मामला?

तमाड़ थाना क्षेत्र के सिंदवारी साप्ताहिक बाजार में किसान और व्यापारी बकरियों की खरीद-बिक्री के लिए जुटे थे। इसी दौरान एक व्यापारी ने बकरी खरीदने के लिए रुपये देने शुरू किए। उसके पास मौजूद 500 रुपये के नोटों को देखकर वहां मौजूद कुछ किसानों को संदेह हुआ। नोटों की बनावट और रंग-रूप सामान्य नोटों से अलग प्रतीत होने पर उन्होंने मामले की जानकारी आसपास के लोगों को दी।

शक गहराने के बाद स्थानीय लोगों ने तमाड़ थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित व्यापारी को अपने कब्जे में लेकर थाने ले गई। वहां उसकी तलाशी ली गई, जिसमें नकदी बरामद हुई। इसके बाद संदिग्ध नोटों को लेकर पूछताछ शुरू की गई। बाजार में इस घटना की जानकारी फैलते ही लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई।

21,500 रुपये बरामद, 19,000 रुपये के नोट संदिग्ध

पुलिस की ओर से की गई तलाशी में व्यापारी के पास से कुल 21,500 रुपये नकद मिले। इनमें 19,000 रुपये के 500-500 रुपये के नोटों पर जाली होने का संदेह जताया गया है। हालांकि, नोटों की वास्तविक स्थिति की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल इन्हें संदिग्ध नोटों के रूप में देखा जा रहा है।

इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि संदिग्ध नोट व्यापारी तक कैसे पहुंचे और क्या इनका संबंध किसी संगठित गतिविधि से है। पुलिस बरामद नकदी के स्रोत और व्यापारी के बयान की पड़ताल कर रही है। जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नोट जानबूझकर चलाए जा रहे थे या व्यापारी को भुगतान के दौरान अनजाने में संदिग्ध नोट मिल गए थे।

हिरासत में लिए गए व्यापारी ने क्या बताया?

पुलिस हिरासत में लिए गए व्यापारी की पहचान किशोर महतो के रूप में हुई है। वह ईचागढ़ क्षेत्र के सालूडीह का रहने वाला है और उसके पिता का नाम शिवराम महतो बताया गया है। पूछताछ के दौरान किशोर महतो ने पुलिस को बताया कि वह नियमित रूप से बकरियों की खरीद-बिक्री का काम करता है।

उसके अनुसार, दो दिन पहले वह पश्चिम बंगाल के एक साप्ताहिक हाट में पाठा और खस्सी बेचने गया था। वहां बकरियां बेचने के बाद ग्राहकों से उसे भुगतान के रूप में रुपये मिले थे। व्यापारी का दावा है कि उसे उस समय इस बात की जानकारी नहीं थी कि प्राप्त नकदी में कोई नोट नकली या संदिग्ध हो सकता है।

किशोर महतो ने यह भी बताया कि पश्चिम बंगाल के बाजार में जिस व्यक्ति ने उसे रुपये दिए थे, वह उसे व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता है। हालांकि, यह फिलहाल व्यापारी का बयान है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रुपये किस व्यक्ति से मिले थे और क्या उस व्यक्ति तक पहुंचने के लिए कोई ठोस जानकारी उपलब्ध है।

बंगाल के साप्ताहिक हाट से जुड़े मामले की जांच में जुटी पुलिस

तमाड़ के सिंदवारी बाजार में संदिग्ध नोट मिलने के बाद जांच का दायरा पश्चिम बंगाल के उस साप्ताहिक हाट तक भी पहुंच सकता है, जहां व्यापारी ने बकरियां बेचने का दावा किया है। पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि संदिग्ध नोटों का स्रोत क्या है और क्या इस तरह के नोट पहले भी बाजार में चलाए गए हैं।

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