
जमशेदपुर : सुबह की शुरुआत अखरोट से करने वाले लोगों के मन में अक्सर सवाल रहता है कि इसे रातभर भिगोकर खाना चाहिए या सीधे सूखे रूप में। कुछ लोग भीगे अखरोट को ज्यादा पौष्टिक मानते हैं, जबकि कई लोग बिना भिगोए खाते हैं। हालांकि, सेहत के लिहाज से केवल खाने का तरीका ही नहीं, उसकी मात्रा और पूरे दिन का संतुलित आहार भी मायने रखता है।
भिगोने से नरम होता है, पोषण बढ़ने का दावा प्रमाणित नहीं
डायटीशियन अन्नु सिन्हा के अनुसार, अखरोट को दोनों तरीकों से आहार में शामिल किया जा सकता है। पानी में रखने से इसकी बनावट नरम हो जाती है, जिससे कुछ लोगों को चबाने में आसानी होती है। लेकिन भिगोने से इसके पोषक तत्व बहुत बढ़ जाते हैं या शरीर उन्हें निश्चित रूप से ज्यादा अवशोषित करता है, इसका पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसलिए अपनी सुविधा और पसंद के अनुसार तरीका चुना जा सकता है।
छोटी गिरी में कई जरूरी पोषक तत्व
अखरोट में वनस्पति आधारित ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन, फाइबर और असंतृप्त वसा पाई जाती है। ये पोषक तत्व संतुलित भोजन का हिस्सा बनकर शरीर की जरूरतों को पूरा करने में योगदान देते हैं। इसका सेवन किसी बीमारी के इलाज का विकल्प नहीं है। केवल अखरोट खाने से याददाश्त तेज होने या दिल की बीमारी दूर होने की गारंटी भी नहीं मिलती।
दिल और पाचन के लिए आहार में उपयोगी
अन्नु सिन्हा के लिए के अनुसार, नमकीन और अधिक संतृप्त वसा वाले स्नैक्स की जगह सीमित मात्रा में सादा अखरोट लेना उपयोगी विकल्प हो सकता है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन की सामान्य प्रक्रिया में योगदान देता है। हालांकि, कब्ज या पेट की समस्या होने पर केवल अखरोट पर निर्भर रहने के बजाय पर्याप्त पानी, फल, सब्जियां और अन्य फाइबरयुक्त खाद्य पदार्थ भी जरूरी हैं।
गिनती से ज्यादा वजन पर दें ध्यान
आमतौर पर लगभग 25 से 30 ग्राम छिली हुई अखरोट की गिरी एक सर्विंग मानी जाती है। अखरोट का आकार अलग-अलग होता है, इसलिए दो या चार अखरोट की गिनती हमेशा समान मात्रा नहीं बताती। इसमें कैलोरी अधिक होती है। वजन नियंत्रित करने वाले लोगों को इसे रोज के कुल भोजन के हिसाब से शामिल करना चाहिए। व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार मात्रा बदल सकती है।
खाने के समय से ज्यादा नियमित संतुलन जरूरी
अखरोट केवल सुबह खाली पेट खाना जरूरी नहीं है। इसे नाश्ते, दलिया, दही या सलाद के साथ भी लिया जा सकता है। भिगोकर खाने पर साफ पानी इस्तेमाल करें और लंबे समय तक गर्म जगह पर न छोड़ें। फफूंद लगे या बासी गंध वाले अखरोट न खाएं। नट्स से एलर्जी होने पर इसका सेवन करने से बचें।

