सेंट्रल डेस्क : भारत ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर के तहत सटीक एयरस्ट्राइक की। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के जवाब में थी, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई थी। इस जवाबी कार्रवाई की जानकारी देने के लिए भारत सरकार ने बुधवार को एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसे तीन प्रमुख चेहरों ने संबोधित किया — विदेश सचिव विक्रम मिस्री, कर्नल सोफिया कुरैशी, और विंग कमांडर व्योमिका सिंह।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में दो महिला सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी ने देश और दुनिया का ध्यान खींचा। ये दोनों अधिकारी न केवल अपनी-अपनी फोर्स में वरिष्ठ पदों पर हैं, बल्कि भारत की सैन्य रणनीति और मजबूती का प्रतीक बनकर उभरी हैं।
विंग कमांडर व्योमिका सिंह : आसमान पर राज करने वाली जांबाज
18 दिसंबर 2004 को भारतीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त करने वाली व्योमिका सिंह वर्तमान समय में वायुसेना की सबसे अनुभवी हेलिकॉप्टर पायलटों में शुमार हैं। वे चीता और चेतक जैसे लड़ाकू हेलिकॉप्टर्स उड़ाने में विशेषज्ञ हैं। 2017 में विंग कमांडर बनीं व्योमिका के पास हजारों घंटे की फ्लाइंग का अनुभव है, जो उन्हें भारतीय वायुसेना का एक मजबूत स्तंभ बनाता है।
उन्होंने बताया कि जब वे छठी कक्षा में थीं, तभी उन्होंने ठान लिया था कि वे वायुसेना में जाएंगी। उनका नाम ‘व्योमिका’, जिसका अर्थ है ‘जो आसमान को मुट्ठी में रखे’, उनके इस सपने का आधार बना। एयरफोर्स में शामिल होने के लिए उन्होंने UPSC के माध्यम से सफलता प्राप्त की।
2021 में वे भारतीय वायुसेना की उस ऐतिहासिक महिला टीम का हिस्सा रहीं, जिसने माउंट मणिरंग की चढ़ाई की और वायुसेना के इतिहास में नया कीर्तिमान स्थापित किया।
कर्नल सोफिया कुरैशी : संचार विशेषज्ञ और ग्लोबल सैन्य नेतृत्व का चेहरा
कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की कॉर्प्स ऑफ सिग्नल की अधिकारी हैं और देश की पहली ऐसी महिला हैं, जिन्होंने भारतीय सेना के एक पूरे कंटिंजेंट का अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में नेतृत्व किया। 2016 में मलेशिया में आयोजित ‘फोर्स 18’ ड्रिल में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया। गुजरात से आने वाली कर्नल सोफिया एक सैन्य परिवार से हैं और बायोकेमिस्ट्री में स्नातक हैं।
वे संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन में छह वर्षों तक कांगो में कार्यरत रहीं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को सशक्त किया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिंदी में पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों का खुलासा किया और बताया कि यह कार्रवाई सटीक खुफिया जानकारी, तकनीकी विश्लेषण और सैन्य कौशल पर आधारित थी।
ऑपरेशन सिंदूर : आतंक के खिलाफ भारत का निर्णायक एक्शन
22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 टूरिस्ट मारे गए, जिसे टीआरएफ (The Resistance Front) ने अंजाम दिया, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा संगठन है। इसके बाद, भारत ने मात्र 15 दिन में कार्रवाई करते हुए 6 मई की रात मुजफ्फराबाद, सियालकोट और बरनाला में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर उन्हें नष्ट कर दिया। व्योमिका सिंह ने बताया कि इन स्थानों से आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती थी और भारत के खिलाफ हमलों की साजिशें रची जाती थीं।

