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IUCN और XLRI कॉर्पोरेट इंडिया को सिखायेंगे प्रकृति और जैव विविधता को बिजनेस रणनीति में शामिल करने के गुर

इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता को बिजनेस निर्णय (business decisions) में शामिल करना है। इसके तहत कॉर्पोरेट अधिकारियों, विशेष रूप से कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी, पर्यावरण प्रबंधन, और सीएसआर (CSR) क्षेत्रों में काम कर रहे व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

by Anand Mishra
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जमशेदपुर : IUCN (International Union for Conservation of Nature) और XLRI (Xavier Labour Relations Institute) जमशेदपुर ने एक महत्वपूर्ण साझेदारी की घोषणा की है। दोनों संस्थाओं ने गुरुवार को एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य कॉर्पोरेट इंडिया को प्राकृतिक संसाधन और जैव विविधता को बिजनेस रणनीति में शामिल करने की दिशा में प्रशिक्षित करना है। यह साझेदारी भारतीय कंपनियों को बायोडायवर्सिटी (biodiversity) और सस्टेनेबिलिटी (sustainability) पर फोकस करने के लिए प्रेरित करेगी, ताकि वे पर्यावरणीय जिम्मेदारी को समझें और उसे अपनी नीतियों में समाहित करें।

MOU का उद्देश्य

इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता को बिजनेस निर्णय (business decisions) में शामिल करना है। इसके तहत कॉर्पोरेट अधिकारियों, विशेष रूप से कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी, पर्यावरण प्रबंधन, और सीएसआर (CSR) क्षेत्रों में काम कर रहे व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीन प्रमुख पहलुओं पर फोकस किया जाएगा। इसमें प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता के मुद्दों को व्यवसाय निर्णय में समाहित करना, व्यवसाय जिम्मेदारी का संकेत देना और उस पर कार्य करना तथा बायोडायवर्सिटी रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क जैसे TNFD (Taskforce on Nature-related Financial Disclosures) के तहत मापना, निगरानी करना और रिपोर्ट करना शामिल है।

बायोडायवर्सिटी और सस्टेनेबिलिटी के लिए प्रशिक्षण

IUCN और XLRI का मानना है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से भारतीय बिजनेस लीडर्स को बायोडायवर्सिटी नीतियों को समझने और विकसित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह उन्हें वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ अपने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्टिंग आवश्यकताओं को संरेखित करने में सक्षम बनाएगा। XLRI के छात्रों को इस साझेदारी के तहत समर इंटर्नशिप के अवसर भी मिलेंगे, जिससे वे बायोडायवर्सिटी लीडरशिप में अपने कौशल को निखार सकेंगे। IUCN के साथ काम करने से छात्रों को प्राकृतिक संसाधनों और सस्टेनेबिलिटी के प्रति जिम्मेदारी का बोध होगा, जो उन्हें भविष्य में बिजनेस और पर्यावरण के बीच बेहतर तालमेल बनाने में सक्षम करेगा।

MOU पर हस्ताक्षर

इस MOU पर हस्ताक्षर IUCN भारत के कंट्री रिप्रजेंटेटिव, डॉ. यश वीर भटनागर और XLRI के FACES सेंटर के चेयरपर्सन डॉ. टाटा एल. रघु राम ने किए। इस महत्वपूर्ण अवसर पर XLRI के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की उपस्थिति रही, जिसमें टी.वी. नरेंद्रन, Tata Steel के CEO और MD, और फ्र. एस. जॉर्ज, XLRI जमशेदपुर के डायरेक्टर शामिल थे। इसके अलावा, अन्य प्रमुख व्यवसायी नेता भी उपस्थित थे, जिनमें माधव बी. कालन, JP Morgan के MD, जसपाल बिंद्रा, Centrum Group के चेयरमैन, और अजय कौल, Everstone Capital Asia Pvt Ltd. के सीनियर डायरेक्टर शामिल थे।

समग्र समर्पण, बिजनेस और बायोडायवर्सिटी

यह समझौता कॉर्पोरेट इंडिया में प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता के महत्व को लेकर एक नया दृष्टिकोण लेकर आएगा। यह प्रशिक्षण और साझेदारी सुनिश्चित करेगा कि भारत की कंपनियां अपने सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को सही दिशा में बढ़ाएं, साथ ही जैव विविधता के वैश्विक चुनौतियों का सामना करें। इस पहल से कंपनियां न केवल अपने पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाएंगी, बल्कि TNFD जैसे रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क के तहत अपने योगदान को मापने और सार्वजनिक रूप से रिपोर्ट करने की क्षमता भी प्राप्त करेंगी।

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