Jamshedpur (Jharkhand) : भारतीय जनता पार्टी (BJP) जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष की घोषणा अब निर्णायक मोड़ पर है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस पद के कई दावेदार हैं, जिनके नाम चर्चा में हैं। इस बीच पार्टी के वर्तमान जिला उपाध्यक्ष व सोनारी मंडल के पूर्व अध्यक्ष संजीव सिन्हा इस पद के नाम पर चर्चा तेज है। यदि प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व की अंतिम स्वीकृति मिली है, तो संजीव सिन्हा को जल्द ही जमशेदपुर महानगर भाजपा की कमान सौंपी जा सकती है। जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष पद को लेकर हाल ही में रायशुमारी हुई थी, जिसके बाद संजीव सिन्हा को इस पद की जिम्मेवारी लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि, शुक्रवार को इस पद के लिए नामांकन होना है। इससे पहले प्रदेश स्तर के नेता कुछ बोलने से परहेज कर रहे हैं। वहीं, मंडल स्तर के नेताओं की मानें तो महानगर अध्यक्ष का नाम तय हो चुका है।
विधानसभा चुनाव में संजीव सिन्हा की भूमिका
विगत विधानसभा चुनाव के दौरान जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में एनडीए घटक दल के प्रत्याशी के समर्थन के लिए गठित समन्वय समिति में संजीव सिन्हा की भूमिका अहम रही थी। संगठनात्मक और राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि उनके अध्यक्ष बनने से भाजपा और जदयू के बीच समन्वय और अधिक सुदृढ़ होगा, जिसका सीधा लाभ आगामी लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में पार्टी को मिल सकता है।
सूत्र बताते हैं कि अब तक जमशेदपुर महानगर भाजपा के संगठनात्मक निर्णयों में पूर्वी विधानसभा क्षेत्र का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक रहा है। पूर्वी क्षेत्र के माध्यम से पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का प्रभाव भी लंबे समय से संगठन पर प्रभाव रहा है। लेकिन, क्या अब भी यह बना रहेगा, यह नए अध्यक्ष की घोषणा के बाद ही साफ होगा।
पूर्वी विधानसभा से कई दावेदार
पूर्वी विधानसभा क्षेत्र से एक साथ कई दावेदार सामने आने के कारण प्रदेश नेतृत्व के समक्ष असमंजस की स्थिति बन गई है। दावेदारों में पवन अग्रवाल, अमरजीत सिंह राजा, अमित अग्रवाल, राकेश सिंह, वर्तमान जिला महामंत्री संजीव सिंह और जिला उपाध्यक्ष बबुआ सिंह जैसे नाम चर्चा में रहे हैं। इसलिए इस बार महानगर अध्यक्ष का पद अग्नि परीक्षा भी माना जा रहा है।
नया आकार ले सकता है राजनीति समीकरण
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि संजीव सिन्हा को महानगर अध्यक्ष पद मिलता है, तो जमशेदपुर महानगर भाजपा का आंतरिक राजनीतिक समीकरण भी नए सिरे से आकार ले सकता है। ऐसी स्थिति में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं बहरागोड़ा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी की सक्रियता बढ़ने की भी प्रबल संभावना जताई जा रही है।
कमजोर पड़ता पारंपरिक दबदबा
कुल मिलाकर, वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, संगठनात्मक संकेतों और क्षेत्रीय संतुलन को देखते हुए माना जा रहा है कि इस बार पारंपरिक दबदबा धीरे-धीरे कम होता नजर आ रहा है, क्योंकि पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से जुड़े नेताओं की भूमिका बढ़ रही है। इन सभी समीकरणों के बीच संजीव सिन्हा का नाम जमशेदपुर महानगर भाजपा महानगर अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है। हालांकि अंतिम फैसला प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व को ही लेना है, लेकिन संकेत यही हैं कि जमशेदपुर महानगर भाजपा को जल्द ही नया जिला अध्यक्ष मिलने वाला है।
क्या कहते हैं पार्टी नेता?
सोनारी मंडल अध्यक्ष प्रशांत पोद्दार ने कहा कि हाल में रायशुमारी के दौरान जमशेदपुर महानगर भाजपा के नए अध्यक्ष का नाम तय हो चुका है। हालांकि, शुक्रवार को नामांकन होना है, लेकिन रायशुमारी में संजीव सिन्हा के नाम पर सहमति बन चुकी है। नामांकन की प्रक्रिया के बाद आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
दूसरी ओर पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं जमशेदपुर महानगर भाजपा अध्यक्ष चुनाव के प्रभारी मिथिलेश सिंह यादव ने कहा कि फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता। शुक्रवार को नामांकन होना है। रायशुमारी के संबंध में पूछने पर उन्होंने कहा कि अभी इस संबंध में कुछ कहना ठीक नहीं है। नामांकन और आगे की प्रक्रिया के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
भाजपा ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष सागर राय ने कहा कि जमशेदपुर महानगर भाजपा के नए अध्यक्ष के नाम को लेकर कार्यकर्ताओं में चर्चा है। लेकिन, इस पर पार्टी क्या निर्णय लेती है, यह कहना मुश्किल है। भाजयुमो जिलाध्यक्ष नीतीश कुमार का भी कमोबेश यही कहना है।
भाजपा ओबीसी मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र प्रसाद ने कहा कि पहले तो यही चर्चा थी कि मौजूदा महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा को ही दोबारा इस पद की जिम्मेदारी मिलेगी। लेकिन, हाल के दिनों में एक नाम चर्चा तेज हो गई है। बहरहाल चर्चा जो भी हो, पार्टी क्या निर्णय लेती है, अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता।
इसे भी पढ़ें : Ranchi News : SIR के चलते नहीं टलेगा निकाय चुनाव, मार्च से पहले मतदान कराने को ठीक कराई जा रही मत पेटिकाएं

