जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के सरकारी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र बुधवार से शुरू होने जा रहा है। सत्र को लेकर शिक्षा विभाग ने विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है। बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के संचालन समय में बदलाव किया गया है। नए टाइम-टेबल के अनुसार अब स्कूल सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक संचालित होंगे, जबकि पहले यह समय सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक था।
हालांकि, इस नए समय को लेकर शिक्षक संघ ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि गर्मी और तेज धूप से बचाव के लिए स्कूलों को मॉर्निंग किया गया है, लेकिन दोपहर 1 बजे छुट्टी होने पर बच्चों को कड़ी धूप में घर लौटना पड़ेगा। ऐसे में उन्होंने मांग की है कि स्कूलों को अधिकतम 11.30 बजे तक बंद किया जाए, ताकि बच्चे तेज धूप से पहले सुरक्षित घर पहुंच सकें।
शिक्षा विभाग ने स्कूल संचालन के लिए एक एसओपी भी जारी की है, जिसका पालन करना अनिवार्य होगा। वहीं, सरकारी स्कूलों में घटते नामांकन को देखते हुए इस बार विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी भी स्कूल में छात्र-छात्राओं का ड्रॉपआउट न हो।
विद्यालयों में अप्रैल–मई 2026 हेतु आधारभूत आरंभिक कक्षाओं के संचालन के निर्देश:
- सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों का 4 अप्रैल 2026 तक A, B, C, D ग्रेड में पूर्व ज्ञान का मूल्यांकन किया जाए, विशेष रूप से भाषा विषयों (हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू) में पढ़ने-लिखने एवं व्याकरण ज्ञान का।
- पूर्व कक्षा के अधिगम स्तर के आधार पर बेसलाइन आकलन कर विद्यार्थियों को समूहों में विभाजित किया जाए तथा प्रतिदिन प्रत्येक विषय की 1 घंटी की कक्षाओं का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए।
- CBSE/JAC के अनुरूप कक्षावार समय-सारिणी (रूटीन) तैयार कर उसका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
- सत्र के प्रारंभिक दो महीनों में नव-नामांकित छात्रों के लिए आधारभूत ज्ञान एवं ब्रिज कोर्स कक्षाओं का आयोजन अनिवार्य रूप से किया जाए।
- शिक्षण को प्रभावी एवं रोचक बनाने के लिए TLM, डिजिटल संसाधन, वर्कशीट, मॉडल, चार्ट एवं डिजिटल कंटेंट का उपयोग किया जाए।
- विद्यार्थियों के संचार कौशल को विकसित करने हेतु विशेष गतिविधियाँ कराई जाएं तथा सभी शिक्षक विषयवार विस्तृत पाठ योजना तैयार करें, जिसका सत्यापन संबंधित प्राधिकारी द्वारा किया जाए।
- सभी निर्देशों का अनुपालन प्रतिवेदन पंजी में दर्ज किया जाए, जिसका जिला स्तर पर मूल्यांकन कर भविष्य के सत्रों हेतु आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।

