जमशेदपुर : जमशेदपुर के कारोबारी देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी के अपहरण के मामले में पुलिस अब तक कोई ठोस सुराग नहीं पा सकी है। हालांकि, पुलिस की कई टीमें कैरव का पता लगाने के लिए लगी हुई हैं। सूत्रों की मानें तो पुलिस को पता चला है कि अपहरण की इस घटना में छोटू यादव गैंग का हाथ हो सकता है। छोटू यादव ने जमशेदपुर के कुछ बदमाशों के साथ मिल कर अपहरण की यह साजिश रची है।
सूत्रों से जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार कैरव गांधी का अपहरण उस समय किया गया जब उनकी कार कदमा लिंक रोड पर दौड़ रही थी। अपहरण करने वाले बदमाशों में दो पुलिस की वर्दी में बताए जा रहे हैं। अटकलें लगाई जा रही हैं कि पुलिस कर्मी बन कर कैरव की कार रोकी गई होगी और इसके बाद उसे दूसरे वाहन में बैठा कर ले जाया गया होगा। बाद में कैरव की कार को कांदरबेड़ा के पास छोड़ कर अपहरणकर्ता फरार हो गए होंगे। गौरतलब है कि 13 जनवरी को कैरव गांधी का अपहरण कर लिया गया था। देर रात उनकी कार कांदरबेड़ा में बरामद हुई थी। पुलिस इस मामले में सात टीमें बना कर कैरव की बरामदगी का प्रयास कर रही है। उसकी पहली प्राथमिकता है कैरव को सकुशल बरामद करना। गौरतलब है कि इस घटना में जिस छोटू यादव गैंग का नाम सामने आ रहा है वह बिहार के भागलपुर जिले में सक्रिय है।
कैरव गांधी अपहरण को लेकर जदयू ने सिटी एसपी को सौंपा ज्ञापन
जमशेदपुर के व्यवसायी देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी के अपहरण को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) आगे आया है। जदयू के नेताओं ने शुक्रवार को एसएसपी ऑफिस जाकर एक ज्ञापन सौंपा और कैरव गांधी को जल्द बरामद करने की मांग की है। जदयू के नेताओं का कहना है कि पुलिस कैरव को अविलंब बरामद करे और अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार करे। पुलिस को चाहिए कि कैरव का जल्द पता लगाए।
जदयू के नेता जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव के नेतृत्व में एसएसपी ऑफिस पहुंचे। यहां उन्होंने सिटी एसपी कुमार शिवाशीष के कार्यालय में ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में जदयू जिला अध्यक्ष ने कहा है कि अपहरण के बाद से कैरव गांधी के जीवन को लेकर गंभीर आशंकाएं बनी हुई हैं। जदयू नेताओं का कहना है कि उन्हें पूरा भरोसा है कि पुलिस इस मामले में लगी हुई है और जल्द ही रिजल्ट सामने आएगा। उनका कहना है कि घटना के बाद से व्यापारी वर्ग चिंतित है। पुलिस को चाहिए कि वह कारोबारी वर्ग की चिंता दूर करे।

