Jamshedpur : शहर के चर्चित अपहरण मामले को सुलझा लिया गया है। जमशेदपुर के कारोबारी देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी को अपहरणकर्ताओं ने लगभग 14 दिनों बाद मुक्त कर दिया है। मंगलवार तड़के सुबह करीब 4 बजे झारखंड के बरही के पास कैरव को परिजनों को सौंप दिया गया है। बताया जा रहा है कि घटना के पीछे बिहार का एक बड़ा गैंग शामिल था।

पुलिस ने कैरव की सकुशल वापसी की पुष्टि की है, हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस या परिवार की ओर से आधिकारिक बयान नहीं दिया जा रहा है। कैरव गांधी को अपरणकर्ताओं ने कैसे छोड़ा। इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। इसे लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि यदि पुलिस ने कैरव को बरामद किया होता तो मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाती, लेकिन फिलहाल मामला पारिवारिक प्रयासों से सुलझने की बात कही जा रही है।
गौरतलब है कि सीएच एरिया में एसएसपी आवास के पड़ोस में रहने वाले कारोबारी देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी का 13 जनवरी को अपहरण कर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं ने फिरौती की मांग की थी। ऐसी चर्चा थी। हालांकि, इसकी भी पुष्टि नहीं हुई।करीब दो हफ्ते तक चले सस्पेंस के बाद अचानक कैरव के घर लौटने से परिवार और शहरवासियों ने राहत की सांस ली है। पुलिस अब भी पूरे मामले की जांच में जुटी है कि रिहाई परिवार के प्रयास से हुई या किसी गुप्त कार्रवाई के तहत।
पुलिस ने बताई अपहरण की कहानी
कैरव गांधी अपहरण कांड से संबंधित अनुसंधान के क्रम में जमशेदपुर पुलिस को विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई कि पुलिस द्वारा लगातार की जा रही छापेमारी के कारण अपहरणकर्ता कैरव को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की योजना बना रहे हैं। उक्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों को सतर्क किया गया तथा संभावित मार्गों पर तैनात किया गया। लगातार बढ़ते पुलिस दबाव एवं रंगे हाथ पकड़े जाने की आशंका के चलते अपहरणकर्ताओं ने जीटी रोड पर चौपारण–बरही खंड के बीच रास्ते में ही कैरव को छोड़ दिया तथा मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तत्परता से कैरव को सकुशल बरामद किया एवं उनके परिजनों के आग्रह पर उन्हें सुरक्षित रूप से उनके आवास तक पहुंचाया।अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।आगे की कार्रवाई की जानकारी जल्द दी जाएगी।

