Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश का असर अब नदियों के जलस्तर पर साफ दिखने लगा है। स्वर्णरेखा और खरकई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। यही नहीं, इनका जल स्तर लगातार ऊपर उठ रहा है। इससे मानगो, शास्त्री नगर, बागबेड़ा आदि इलाकों में 150 से अधिक मकान डूब गए हैं। स्वर्ण रेखा नदी खतरे के निशान से 1.20 मीटर ऊपर और खरकई नदी खतरे के निशान से लगभग 3.0 मीटर ऊपर बहने लगी है। इन दोनों नदियों के आसपास का इलाका जलमग्न हो गया है। बागबेड़ा, मानगो और शास्त्री नगर में निचले और तटीय इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं।
का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। प्रशासन ने नदियों के किनारे बसे लोगों और डूब क्षेत्र में रहने वालों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और आवश्यकता पड़ने पर ऊंचे एवं सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
कई इलाके जलमग्न, हाथ पर हाथ धरे बैठा नगर निगम
जमशेदपुर, बागबेड़ा और मानगो आदि कई इलाकों में पानी भर गया है। मानगों में दर्जनों मकान जलमग्न हो गए हैं। कई घरों में गंदा पानी घुस गया है। कई अपार्टमेंट में जल भराव से लोग परेशान हैं। लोग अपने अपार्टमेंट में नजर बंद होकर रह गए हैं। नगर निगम हाथ पर हाथ धरे बैठा है। इलाके के लोगों ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से शिकायत की। इसके बाद पूर्व मंत्री ने नगर निगम के अधिकारियों को समस्या हल करने का निर्देश दिया। नगर निगम के उपनगर आयुक्त कृष्ण कुमार ने नाला सफाई करने वाले ठेकेदार को मौके पर भेजा। लेकिन मानगो नगर निगम के कर्मचारी ने मौके पर पहुंचकर लाचारी जताई। कहा कि उनके पास कोई लेबर नहीं है। ठेकेदार आज मजदूर नहीं दे रहा है। ऐसे में कोई काम नहीं हो सकता। अब बरसात के बाद ही काम होगा। बस्ती के लोग भगवान भरोसे छोड़ दिए गए हैं। इलाके के लोगों का कहना है कि नगर निगम क्षेत्र से लाखों रुपए का होल्डिंग टैक्स वसूलता है। लेकिन सुविधा के नाम पर जीरो है।
नदियों का जलस्तर
Update@ 2PM
सुरक्षित रहें, सतर्क रहें
स्वर्णरेखा एवं खरकई नदी बह रही खतरे के निशान से ऊपर। नागरिकों से अपील है कि सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर शरण लें, नदी किनारे नहीं जाएं
Subernarekha River (At Mango Bridge Site)
Danger Level- 121.50 metre
Present Level- 122.70 metre
Kharkai River (At Adityapur Bridge Site)
Danger Level- 129 metre
Present Level- 131.950 metre
Update @01 PM
स्वर्णरेखा एवं खरकई नदी के जलस्तर में लगातार दर्ज की जा रही वृद्धि
तटीय इलाके एवं डूब क्षेत्र के लोगों से सतर्क रहने की अपील, सुरक्षित ऊंचे स्थानों में शरण लें
Subernarekha River(Jamshedpur)
Danger Level 123.5 m
Warning Level:122.5 m
Present Water Level:122.50m
Trend: Rising
update – 11 बजे
स्वर्णरेखा नदी (मानगो पुल साइट)
- खतरे का स्तर: 121.50 मीटर
- वर्तमान जलस्तर: 121.300 मीटर
खरकई नदी (आदित्यपुर पुल साइट)
- खतरे का स्तर: 129 मीटर
- वर्तमान जलस्तर: 128.780 मीटर
हालांकि दोनों नदियों का जलस्तर अभी खतरे के निशान से थोड़ा नीचे है, लेकिन लगातार बारिश से पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में स्थिति कभी भी गंभीर हो सकती है। जिला प्रशासन ने नदियों के किनारे किसी भी प्रकार की गतिविधियों से बचने की सख्त हिदायत दी है।
प्रशासन ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को नदी किनारे न जाने की सलाह दी है और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
शहीद मनोरंजन की कॉलोनी ‘वास्तु विहार’ समेत मानगो जलमग्न
एनएच-33 किनारे स्थित मानगो बालीगुमा की वास्तु विहार कॉलोनी सहित पूरा मानगो क्षेत्र इस समय जलजमाव की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। दो दिन की भारी बारिश ने कॉलोनीवासियों का मुख्य सड़क से संपर्क पूरी तरह काट दिया है। लोग घरों में कैद हैं, पानी की धार इतनी तेज है कि दीवारें भी असुरक्षित महसूस हो रही हैं।
मानगो का आप्टिमस अपार्टमेंट डूबा
मानगो का जवाहर नगर रोड नंबर 15 स्थित आप्टिमस टावर भी पानी में डूब गया है। लोगों ने अपनी तकलीफों को वीडियो के ज़रिए पूर्व भाजपा नेता विकास सिंह से साझा किया। उन्होंने मांग की कि जिला प्रशासन, विशेषकर उपायुक्त, इस मामले को तुरंत संज्ञान में लें।विकास सिंह ने कॉलोनी की हालत पर चिंता जताते हुए कहा कि यह वही कॉलोनी है, जहां आईएनएस सिंधु दुर्घटना में शहीद हुए अमर नेवी ऑफिसर स्व. मनोरंजन जी का आवास है।
कॉलोनीवासियों ने उनकी याद में अपने खर्च से एक स्मृति-प्रतिमा और छोटा पार्क भी बनाया है, जहां हर वर्ष श्रद्धांजलि दी जाती है। लेकिन दुर्भाग्यवश, आज वही कॉलोनी पानी में डूबी है और राहत का कोई उपाय नहीं किया गया।विकास सिंह ने मानगो नगर निगम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ये लोग “धरातल में नहीं, सिर्फ हवा में काम करते हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि “जनप्रतिनिधि सिर्फ अखबार में अपनी फोटो छपवाने के लिए मौके पर जाते हैं, समस्याओं को जमीनी स्तर पर देखने और हल करने का ईमानदार प्रयास नहीं करते।”
विकास सिंह ने उलीडीह टैंक रोड का वीडियो भी साझा किया, जहां पूर्व विधायक स्वर्गीय टीकाराम मांझी का मकान स्थित है। इस क्षेत्र में भी जल निकासी की व्यवस्था ध्वस्त है। उन्होंने याद दिलाया कि मौसम विभाग ने पहले ही 15 जून के बाद भारी मानसून की चेतावनी दी थी, बावजूद इसके, नगर निगम और जनप्रतिनिधि गहरी नींद में सोए रहे।उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा,”अगर समस्याओं को अखबार के फोटो की तरह ही गंभीरता से लिया जाता, तो शायद हर गर्मी में पानी और हर बारिश में जलजमाव से लोगों को संघर्ष नहीं करना पड़ता।”

