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The Photon News Exclusive: गोविंदपुर व बारीगोड़ा में दो ओवरब्रिजों का अब अकेले रेलवे कराएगा निर्माण, जानें क्यों हुआ फैसला ; Jamshedpur Railway News

राज्य सरकार कर रही थी आनाकानी, दक्षिण पूर्व रेलवे को लेना पड़ा कड़ा निर्णय

by Mujtaba Haider Rizvi
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Jamshedpur : टाटानगर और आसनबनी के बीच स्थित बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवर ब्रिजों के निर्माण को लेकर बड़ा फैसला हुआ है। अब गोविंदपुर (समपार फाटक संख्या 137) और बारीगोड़ा (समपार फाटक संख्या 138) के स्थान पर प्रस्तावित दोनों रोड ओवर ब्रिजों (Govindpur Road Overbridge) का निर्माण अब रेलवे अकेले कराएगा। निर्माण का पूरा खर्च अब रेलवे (Jamshedpur Railway News) ही वहन करेगा। राज्य सरकार से रेलवे अब एक पाई नहीं लेगा। यह निर्णय जमशेदपुर के सांसद बिद्युत बरण महतो की कोशिश की वजह से लिया गया है। सांसद ने बजट सत्र में इन दोनों रोड ओवर ब्रिजों के लटके होने का मुद्दा उठाया था। सांसद ने वर्तमान बजट सत्र के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री से मुलाकात भी की थी। इन दोनों फाटकों पर हो रहे हादसों (Jamshedpur Railway News) से उन्हें अवगत कराते हुए बताया था कि इनके निर्माण में हो रही देर लोगों पर भारी पड़ रही है। उन्हें बताया गया कि इन व्यस्त रेल फाटकों पर ट्रेनों की अधिक आवाजाही और भारी सड़क यातायात की वजह से आए दिन जाम और हादसों की स्थिति बन रही है।

रेल मंत्री ने मामले को संजीदगी से लेते हुए रेलवे बोर्ड के अधिकारियों को समस्या के फौरन समाधान के निर्देश दिए थे। इसके बाद दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक ने मीटिंग कर ये फैसला किया गया कि दोनों रोड ओवर ब्रिजों (Barigora Road Overbridge) को रेलवे अकेले ही बनवाए। क्योंकि, इनके निर्माण के मामले में राज्य सरकार आनाकानी कर रही थी।

50:50 साझेदारी का खत्म किया फार्मूला

पहले इन दोनों रोड ओवर ब्रिजों का निर्माण 50:50 लागत की साझेदारी मॉडल पर होना था। इसके तहत राज्य सरकार और रेलवे को निर्माण की आधी-आधी लागत देनी थी। निर्माण राज्य सरकार और रेलवे की द्वि-एजेंसी व्यवस्था में प्रस्तावित था। यानी रोड ओवरब्रिजों के लिए दो कार्यकारी एजेंसियां होतीं। एक रेलवे की और दूसरी राज्य सरकार की। लेकिन राज्य सरकार की तरफ से इनके निर्माण में दिलचस्पी नहीं दिखाए जाने की वजह से ये परियोजना लटकी हुई है।अब दक्षिण पूर्व रेलवे ने पत्र जारी कर साफ कर दिया गया है कि रेलवे फाटक संख्या 137 गोविंदपुर और 138 बारीगोड़ा पर प्रस्तावित दोनों रोड ओवर ब्रिजों का निर्माण 100 प्रतिशत रेलवे के खर्च से और एकल एजेंसी के तौर पर कराया जाएगा। इस दिशा में जरूरी कागजी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

अत्यंत व्यस्त रेलखंड पर मिलेगी राहत

ये दोनों को रेल फाटक टाटानगर-आसनबनी सेक्शन में हैं। ये दक्षिण पूर्व रेलवे के ‘A’ रूट के सबसे बिजी त्रि-लाइन खंडों में से एक माना जाता है। ट्रेनों की उच्च आवृत्ति की वजह से फाटक लंबे समय तक बंद रहते हैं। इससे सड़क यातायात बाधित होता है और गंभीर जाम की समस्या पैदा होती है।रेलवे ओवरब्रिजों के निर्माण के बाद न केवल रेल परिचालन आसान होगा। बल्कि, सड़क के रास्ते से आने-जाने वाले लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

मकदूमपुर रोड ओवर ब्रिज का प्रस्ताव विचाराधीन

सांसद महतो ने यह भी जानकारी दी कि मकदूमपुर रेलवे गेट के निकट प्रस्तावित रोड ओवर ब्रिज का प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन है। इस पर भी सकारात्मक फैसले की उम्मीद जताई जा रही है।इस फैसले को इलाके की जनता के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। क्योंकि, कई साल से लंबित इस परियोजना के पूरा होने से हादसे में कमी और यातायात व्यवस्था होगी।

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