
जमशेदपुर : जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में बीएड सत्र 2024-26 के अत्यधिक विलंब से चलने के कारण सैकड़ों छात्राओं का शैक्षणिक भविष्य दांव पर लग गया है। इस गंभीर समस्या को लेकर पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया है। जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह ने विश्वविद्यालय की कुलपति को पत्र लिखकर प्रभावित छात्राओं के हित में त्वरित कदम उठाने और विशेष नामांकन की अनुमति देने की मांग की है। पत्र की प्रतिलिपि झारखंड के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भी भेजी गई है। इस मांग पत्र को सौंपने और समर्थन जताने वालों में हरि राम टुडू, कोशल प्रधान, नलिनी सिन्हा, सचिन सिंह, गुरमीत सिंह, अरिल सिंकु और रणजीत झा प्रमुख रूप से शामिल रहे।
जुलाई में खत्म होना था कोर्स, चौथे सेमेस्टर की परीक्षा तक बाकी
जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह ने कहा कि नियमानुसार बीएड सत्र 2024-26 का पाठ्यक्रम जुलाई 2026 में ही पूरा हो जाना चाहिए था। वास्तविकता यह है कि अब तक तीसरे सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम भी घोषित नहीं किया जा सका है, जबकि चौथे सेमेस्टर की परीक्षा और रिजल्ट आना अभी बाकी है। पूर्व कोल्हान प्रभारी हरि राम टुडू ने चिंता जताते हुए कहा कि जो छात्राएं बीएड के बाद स्नातकोत्तर (पीजी) करना चाहती हैं, उनका बिना किसी गलती के एक पूरा साल बर्बाद हो जाएगा। सत्र में देरी की वजह से अब उनका पीजी में दाखिला जुलाई 2027 में ही संभव दिख रहा है।
कांग्रेस की 3 प्रमुख मांगें
1. जल्द जारी हो रिजल्ट: बीएड सत्र 2024-26 के सेमेस्टर-3 का परिणाम और सेमेस्टर-4 की परीक्षा व रिजल्ट विशेष रणनीति बनाकर अविलंब जारी किए जाएं।
2. पीजी में विशेष नामांकन की अनुमति: परीक्षा परिणाम आते ही प्रभावित छात्राओं के लिए विश्वविद्यालय में 2 वर्षीय पीजी में नामांकन की विशेष अनुमति मिले। इसके लिए चांसलर पोर्टल पुनः खोला जाए और उनका सत्र 2026-28 मानकर नियमित कक्षाएं चलाई जाएं।
3. दो वर्षीय व्यवस्था रहे जारी: पूर्व में 3 वर्षीय स्नातक कर चुकी छात्राओं को आगे भी 2 वर्षीय पीजी में दाखिला दिया जाए।

