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Jamtara Bridge Collapse : भारी बारिश से जामताड़ा का मुख्य पुल टूटा, 1 किमी की दूरी अब 20 किमी में बदली

Jharkhand Hindi News : पुल टूटने के चलते प्रशासन ने भारी वाहनों और चार पहिया वाहनों की आवाजाही पर तत्काल रोक लगा दी है और पुल को ब्रैकेटिंग कर सील कर दिया गया है।

by Rakesh Pandey
Jamtara Bridge Collapse
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जामताड़ा, झारखंड: जामताड़ा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश, बाढ़ जैसी स्थिति और तेज जल प्रवाह के चलते देवघर-जामताड़ा को जोड़ने वाला एक प्रमुख पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। इस पुल के टूटने से सैकड़ों गांवों का संपर्क मुख्यालय से कट गया है। खासतौर पर दक्षिण बहाल गांव के लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

पुल क्षतिग्रस्त, 5 पिलर तेज बहाव में ध्वस्त

गुरुवार को ग्रामीणों ने देखा कि पुल के 5 पिलर भारी जल प्रवाह के कारण क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। यह खबर क्षेत्र में फैलते ही सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दक्षिण बहाल, करों, चितरा, सारठ, मधुपुर, देवघर और दुमका जैसे क्षेत्रों से संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है।

प्रशासनिक टीम ने की तत्काल कार्रवाई

सूचना मिलते ही जामताड़ा उपायुक्त रवि आनंद, एसपी राजकुमार मेहता और एसडीओ अनंत कुमार मौके पर पहुंचे। पीडब्ल्यूडी विभाग, थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। प्रशासन ने भारी वाहनों और चार पहिया वाहनों की आवाजाही पर तत्काल रोक लगा दी है और पुल को ब्रैकेटिंग कर सील कर दिया गया है।

जीवन रेखा पुल के बंद होने से बढ़ी ग्रामीणों की मुश्किलें

यह पुल न केवल जामताड़ा जिला मुख्यालय से 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, बल्कि यह गोविंदपुर-साहिबगंज स्टेट हाईवे को भी जोड़ता है। अब दक्षिण बहाल और आस-पास के गांवों के लोगों को मुख्यालय तक पहुंचने में 20 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जबकि पहले यह दूरी सिर्फ 1 किलोमीटर थी।

स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन सबसे अधिक प्रभावित

पुल के क्षतिग्रस्त होने का सबसे ज्यादा असर मरीजों, स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों और दैनिक कामकाज करने वालों पर पड़ा है। सदर अस्पताल, आईटीआई कॉलेज, केंद्रीय विद्यालय और कमांड बिल्डिंग जैसे प्रमुख संस्थानों तक अब सीधा संपर्क नहीं रह गया है।

प्रशासन ने दिया पुनर्निर्माण का भरोसा

एसडीओ अनंत कुमार ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है और पुल की मरम्मत और पुनर्निर्माण की दिशा में कार्रवाई तेज कर दी गई है। पीडब्ल्यूडी विभाग ने अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है ताकि जनजीवन सामान्य हो सके।

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