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Jharkhand Politics : झारखंड भाजपा की नई कमेटी में पुराने नेताओं का दबदबा, किस मजबूरी के तहत हारे नेताओं को बनाया गया हीरो

24 सदस्यीय इस कमेटी में 13 ऐसे नाम शामिल हैं, जो पूर्व अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के कार्यकाल में भी अहम पदों पर रह चुके हैं। इनमें से कई नेता तीसरी और चौथी बार प्रदेश कमेटी में जगह बनाने में सफल हुए हैं।

by Mujtaba Haider Rizvi
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Ranchi: आदित्य साहू के नेतृत्व में बनी झारखंड भाजपा की नई प्रदेश कमेटी ने संगठन के भीतर ही बहस छेड़ दी है। कमेटी के गठन की रफ्तार जहां कार्यकर्ताओं को चौंकाने वाली रही, वहीं इसमें शामिल चेहरों को लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।24 सदस्यीय इस कमेटी में 13 ऐसे नाम शामिल हैं, जो पूर्व अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के कार्यकाल में भी अहम पदों पर रह चुके हैं। इनमें से कई नेता तीसरी और चौथी बार प्रदेश कमेटी में जगह बनाने में सफल हुए हैं।

प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए गए राकेश प्रसाद राज्य गठन के समय से ही संगठन या सरकार में किसी न किसी भूमिका में बने हुए हैं। वहीं नीलकंठ सिंह मुंडा और आभा महतो को भी दोबारा जिम्मेदारी दी गई है, जबकि उनकी हालिया सक्रियता को लेकर सवाल उठते रहे हैं।तीसरी बार उपाध्यक्ष बनाए गए बालमुकुंद सहाय हाल ही में निकाय चुनावों में मिली हार के बावजूद पद पाने में सफल रहे। वहीं गणेश मिश्रा को फिर से महामंत्री बनाया गया है, जो लंबे समय से संगठन में बने हुए हैं।कमेटी में शामिल कुछ नए चेहरों को लेकर भी चर्चा है कि उनकी सक्रियता प्रदेश या जिला स्तर पर सीमित रही है। चुनाव हार चुके नेताओं में भानु प्रताप शाही, गीता कोड़ा और नीलकंठ मुंडा जैसे बड़े नामों को फिर मौका दिया गया है।

पदों में बदलाव, लेकिन चेहरे वही

कमेटी में कुछ नेताओं के पद जरूर बदले गए हैं, लेकिन चेहरे लगभग वही रखे गए हैं। प्रदीप वर्मा को महामंत्री से उपाध्यक्ष बना दिया गया है, जबकि गीता कोड़ा को प्रवक्ता से उपाध्यक्ष पद पर प्रमोट किया गया।महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के तहत सुनीता सिंह, शालिनी बैसखियार और कृष्णा महतो को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। हालांकि इनमें से कुछ नाम संगठन के भीतर भी अपेक्षाकृत नए माने जा रहे हैं।

कोषाध्यक्ष और कार्यालय मंत्री पर भरोसा कायम

कोषाध्यक्ष दीपक बंका को लेकर बदलाव की चर्चा थी, लेकिन उन्हें पद पर बरकरार रखा गया। वहीं कार्यालय मंत्री हेमंत दास भी अपनी सक्रियता के चलते जिम्मेदारी संभाले हुए हैं।प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू का कहना है कि कमेटी में अनुभव और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। 19 जिलों के कार्यकर्ताओं को शामिल कर संगठन को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया है। आने वाले समय में मोर्चा और प्रकोष्ठों का भी गठन किया जाएगा।

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