Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले में हाल ही में किए गए थाना प्रभारियों के फेरबदल को लेकर अल्पसंख्यक समुदाय ने आपत्ति जताई है। समुदाय का कहना है कि पूरे जिले में एक भी मुस्लिम थाना प्रभारी की तैनाती नहीं की गई है। इस मुद्दे पर गुरु जी सेवा समिति के संस्थापक बाबर खान ने झारखंड के मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजा है। साथ ही मुख्य सचिव और डीजीपी को भी वस्तुस्थिति से अवगत कराया है।
पत्र में कहा गया है कि झारखंड गठन के बाद यह पहला अवसर है जब जिले के किसी भी थाने में मुस्लिम थाना प्रभारी तैनात नहीं हैं। इससे समुदाय में रोष है। बाबर खान ने मांग की है कि जिले के कम से कम पांच से छह थानों में मुस्लिम थाना प्रभारियों की नियुक्ति की जाए।
उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन और राज्य निर्माण में मुस्लिम समुदाय का योगदान भुलाया नहीं जा सकता। बिरसा मुंडा, दिशोम गुरु शिबू सोरेन, शहीद निर्मल महतो, सुनील महतो, विनोद बिहारी महतो, सुधीर महतो जैसे नेताओं का सपना था कि राज्य में सभी जातियों और धर्मों को समान सम्मान मिले। लेकिन वर्तमान स्थिति उस सपने के विपरीत है।
बाबर खान ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि इस विषय को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस संबंध में ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्य सचिव और झारखंड के डीजीपी को भी भेजी गई है। गौरतलब है कि कुछ महीने पहले सिदगोड़ा में गुलाम रब्बानी खान थाना प्रभारी थे। परसुडीह में मो फैज अहमद तैनात थे। धालभूमगढ़ में मीर हमजा को थाना प्रभारी बनाया गया था। मगर, इन सभी को हटा दिया गया है।

