Ranchi (Jharkhand) : भीषण गर्मी से जूझ रहे झारखंडवासियों के लिए एक अच्छी खबर है! इस बार मॉनसून अपने तय समय से पहले ही राज्य में दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, जहां हर साल मॉनसून 15 जून के बाद आता है, वहीं इस बार इसके 10-12 जून तक झारखंड पहुंचने की प्रबल संभावना है। यह जानकारी रांची मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बुधवार को दी, जिससे लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
केरल में मॉनसून की अनुकूल परिस्थितियां बनीं वजह
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि मॉनसून के जल्दी आने का मुख्य कारण केरल में अनुकूल परिस्थितियां बनना है। इस वर्ष केरल में मॉनसून के 25-27 मई तक पहुंचने की संभावना है, जो सामान्य से पहले है। केरल में मॉनसून के आगमन की परिस्थितियां जितनी सकारात्मक होती हैं, उसका असर देश के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिलता है। इसी का परिणाम है कि झारखंड में भी मॉनसून समय से पूर्व दस्तक देने को तैयार है।
प्री-मॉनसून बारिश से मिल रही राहत, आगे के लिए अलर्ट जारी
मॉनसून से पहले ही झारखंड सहित कई मध्यवर्ती राज्यों में प्री-मॉनसून बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है, जो इस बार समय से पहले हो रहा है। यह भी मॉनसून के जल्द आगमन का एक शुभ संकेत है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल झारखंड में मॉनसून 21 जून को पहुंचा था, लेकिन इस बार उम्मीद से ज्यादा जल्दी आने से किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
पिछले 24 घंटों के दौरान राजधानी रांची सहित राज्य के कई जिलों में प्री-मॉनसून की अच्छी बारिश दर्ज की गई है। रांची में 29.2 मिमी बारिश हुई, जबकि राज्य में सबसे अधिक बारिश देवघर के सिकटिया में 53.6 मिमी रिकॉर्ड की गई। हालांकि, तापमान की बात करें तो डालटेनगंज में अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस गुमला में रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी अलर्ट जारी किया है। 22 मई को गर्जन, आकाशीय बिजली गिरने और 50-60 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवा चलने को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त, 23 मई को उत्तर-पूर्वी भागों को छोड़कर राज्य के शेष हिस्सों में और 24 मई को उत्तर-पूर्वी जिलों में कहीं-कहीं गर्जन, आकाशीय बिजली गिरने और 30-40 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवा चलने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

