
Jamshedpur : झारखंड में पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग अगले साल अप्रैल-मई महीने में पंचायत चुनाव कराएगा। पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल जून 2027 में पूरा हो रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने तय किया है कि अप्रैल से लेकर मई महीने तक पंचायत चुनाव की सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए ताकि, प्रतिनिधियों का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इलेक्शन संपन्न करा लिया जाए। पंचायत चुनाव बैलेट से ही कराने का फैसला लिया गया है।
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर झारखंड के सभी 24 जिलों में मतदान केंद्रों के सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। जिलों से राज्य निर्वाचन आयोग के दफ्तर सर्वे रिपोर्ट भेजने का काम जारी है। पूर्वी सिंहभूम जिले से मतदान केंद्रों की रिपोर्ट भेज दी गई है। आयोग के निर्देश पर सभी जिलों में मतदान केंद्रों का निरीक्षण कराया गया। अधिकारियों ने मौके पर जाकर देखा कि मतदान केंद्रों में कहीं कोई दिक्कत नहीं है। यहां पेयजल की स्थिति देखी गई और रैंप का जायजा लिया गया। मतदान केंद्र में पर्याप्त रोशनी के इंतजाम हैं या नहीं। इसका भी निरीक्षण किया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि पूर्वी सिंहभूम जिले में कुल 2748 मतदान केंद्र हैं। कई मतदान केंद्रों में खामियां पाई गई हैं। रिपोर्ट आयोग को भेज दी गई है। अब वहां से आयोग के निर्देश के अनुसार काम होगा। जिन मतदान केंद्रों पर रोशनी के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं वहां बल्ब आदि लगाए जाएंगे। पेयजल के लिए हैंडपंप की व्यवस्था कराई जाएगी। जहां रैंप नहीं बना है या खराब हो गया है वहां इसे ठीक कराया जाएगा।
ओबीसी ट्रिपल टेस्ट की तैयारी शुरू
पिछली बार झारखंड पंचायत चुनाव साल 2022 में संपन्न कराया गया था। तब बिना ओबीसी के आरक्षण का निर्धारण किए ही पंचायत चुनाव करा दिया गया था। इस वजह से राज्य सरकार की खूब आलोचना भी हुई थी। इसके बाद सरकार ने नगर निकाय चुनाव में ट्रिपल टेस्ट कराया और तब चुनाव हुआ था। इस बार झारखंड सरकार फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। सरकार बिना ओबीसी आरक्षण का निर्धारण किए इस बार पंचायत चुनाव नहीं कराएगी। सूत्रों की मानें तो ट्रिपल टेस्ट कराने की तैयारी शुरू है। दिसंबर तक इसका एलान कर दिया जाएगा। जनवरी में ट्रिपल टेस्ट का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ट्रिपल टेस्ट कराने के बाद सभी जिलों में ओबीसी आरक्षण का निर्धारण कराया जाएगा। झारखंड में 4346 ग्राम पंचायतें, 265 पंचायत समितयां और 24 जिला परिषद हैं।
मतदाता सूची के विखंडन के बाद बढ़ सकते हैं मतदान केंद्र
पूर्वी सिंहभूम जिले में अभी कुल 2748 मतदान केंद्र हैं। मुसाबनी प्रखंड में 210, पोटका में 401, पटमदा में 167, बोड़ाम में 139, घाटशिला में 262, बहरागोड़ा में 306, चाकुलिया में 218, धालभूमगढ़ व डुमरिया में 124, गुड़ाबांदा में 86 और जमशेदपुर प्रखंड में 711 मतदान केंद्र हैं। झारखंड में अभी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) चल रहा है। एसआईआर खत्म होने के बाद जिलों की जो नई मतदाता सूची जारी होगी उसी से राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव कराएगा। जिलों की इस मतदाता सूची का विखंडन कर पंचायतों की वोटर लिस्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद मानक के अनुसार मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ सकती है।
पूर्वी सिंहभूम में 231 पंचायतों के लिए होगा चुनाव
पूर्वी सिंहभूम में 231 पंचायतों के लिए मुखिया का चुनाव होगा। बहरागोड़ा में 26, चाकुलिया में 19, गुड़ाबांदा में आठ, धालभूमगढ़ में 11, घाटशिला में 22, मुसाबनी में 19, डुमरिया में 10, जमशेदपुर में 55, पोटका में 34, पटमदा में 15 और बोड़ाम में 12 पंचायतें हैं। इसके अलावा, जिला परिषद के 27 सदस्यों के लिए चुनाव होगा। पंचायत समिति सदस्यों और पंचायतों के वार्ड सदस्य भी इस चुनाव में चुने जाएंगे।

