
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के कराईकेला थाना क्षेत्र अंतर्गत कोलजोमरो गांव से अंधविश्वास और कुप्रथा का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां डायन-बिसाही के झूठे इल्जाम में एक 46 वर्षीय महिला को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया, हालांकि पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस मामले में 4 घंटा में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल किया गया लकड़ी का डंडा भी बरामद कर लिया है।
घटना का विवरण और पुलिसिया कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार गत 24 अक्टूबर 2026 को कराईकेला पुलिस को कोलजोमरो गांव में एक महिला के कत्ल किए जाने की सुचना मिली थी। मामले की तहकीकात को भांपते हुए एसपी अमित रेणु के निर्देशानुसार चक्रधरपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल रेड टीम का गठन किया गया।
छानबीन के दौरान मृतका की शिनाख्त कोलजोमरो गांव की रहने वाली रेंदाई सुम्बरुई उम्र करीब 46 वर्ष के तौर पर हुई। मृतका के पति साधुचरण सुम्बरुई उम्र करीब 50 वर्ष) की लिखित शिकायत के आधार पर कराईकेला थाने में कांड संख्या 22/2026 24 अक्टूबर 2026 दर्ज की गई। यह केस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1)/3(5) और झारखंड डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 2001 की धारा 3/4 के तहत पंजीबद्ध कर तफ्तीश शुरू कर दी गई।
शामिल आरोपी और बरामदगी
पुलिस की तफ्तीश में यह बात खुलकर सामने आई कि आरोपी ने रात के वक्त मृतका के घर पर धावा बोला और उस पर जादू-टोने का आरोप लगाते हुए लकड़ी के डंडों से ताबड़तोड़ वार किए तथा गला घोंटकर उसकी जान ले ली। पुलिस ने घटनास्थल से वारदात में प्रयुक्त डंडे को जब्त कर लिया है।
इस जघन्य कांड में पुलिस ने जिन चार लोगों को दबोचा है, उनकी पहचान
1.बुधु होनहागा पिता रामे होनहागा
2.मार्टिन दिग्गी पिता स्वर्गीय विजय दिग्गी
3.मारतुस होनहागा पिता स्वर्गीय मंगता होनहागा
4.मधुसूदन होनहागा पिता- स्वर्गीय बुधन सिंह होनहागा सभी गिरफ्तार अभियुक्त जोनुवा गांव, थाना कराईकेला, जिला पश्चिमी सिंहभूम के रहने वाले हैं।
छापेमारी दल में ये अधिकारी रहे शामिल
इस त्वरित कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में चक्रधरपुर के एसडीपीओ डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी, कराईकेला थाना प्रभारी प्यारे हसन, पुलिस अवर निरीक्षक धीरज कुमार यादव, अनुसंधानकर्ता सह पुलिस अवर निरीक्षक संजीत कुमार और कराईकेला थाने के रिजर्व जवान शामिल थे।
अंधविश्वास और पुरानी रंजिश बनी वजह
पुलिस की शुरुआती जांच-पड़ताल में यह बात सामने आई है कि इस खौफनाक वारदात के पीछे गहरी काली अंधविश्वास की सोच और आपसी रंजिश जुड़ी हुई है। चर्चा इस बात की है कि आरोपियों में से एक की पत्नी पिछले कुछ अरसे से अस्वस्थ चल रही थी। आरोपी को शक था कि मृतका रेंदाई सुम्बरुई ने ही उसकी पत्नी पर कोई जादू-टोना (डायन-विद्या) कराया है। इसी वहम और खौफ के आगोश में आकर इस खूनी खेल को अंजाम दिया गया। हालांकि, पुलिस इस एंगल पर भी गहराई से तहकीकात कर रही है कि इसके पीछे कोई और निजी रंजिश तो नहीं थी।
इलाके के बाशिंदों का कहना है कि बंदगांव प्रखंड क्षेत्र में डायन-बिसाही जैसी सामाजिक कुरीतियों के नाम पर पहले भी इस तरह की हिंसक घटनाएं सामने आती रही हैं, जिस पर लगाम कसने के लिए समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।

