
रांची : जेएसएससी सीजीएल के जरिए चयनित होकर सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। सरकार के फैसले के विरोध में कर्मचारी सुबह कार्यालय खुलने के बाद प्रोजेक्ट भवन के बाहर जुटे रहे और अपनी सेवाएं बरकरार रखने की मांग को लेकर नारेबाजी की।
सोमवार देर रात से प्रोजेक्ट भवन के बाहर जुटे कर्मचारियों को बुधवार को राज्य के अलग-अलग जिलों में पदस्थापित कर्मचारियों का भी समर्थन मिला। बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रोजेक्ट भवन के मुख्य गेट के पास बैठ गए। इससे पुलिस मुख्यालय की ओर जाने वाली सड़क पर आवागमन भी प्रभावित हुआ।
कर्मचारियों का कहना है कि परीक्षा में यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन अनियमितता के लिए पूरी परीक्षा रद्द कर ईमानदारी से चयनित अभ्यर्थियों को इसकी सजा देना उचित नहीं है।
सेवा बहाल रखने का स्पष्ट आश्वासन मांगा
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि वे परीक्षा पास करने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत चयनित हुए और वर्तमान में विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अब परीक्षा रद्द होने के फैसले से उनके सामने नौकरी और भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है।
कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि उनकी सेवाएं बहाल रखने को लेकर स्पष्ट निर्णय लिया जाए। उनका कहना है कि जब तक सरकार की ओर से इस संबंध में ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन पूरी परीक्षा को रद्द कर सभी चयनित कर्मचारियों को एक ही नजर से देखना न्यायसंगत नहीं है। कर्मचारियों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचा रहे हैं और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।

