सेंट्रल डेस्क: भारत की शीर्ष एथलीट और आंध्र प्रदेश की होनहार बेटी ज्योति यार्राजी ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। दक्षिण कोरिया के गुमी शहर में आयोजित 26वीं एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने महिलाओं की 100 मीटर हर्डल्स स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत और विशेष रूप से आंध्र प्रदेश का नाम रोशन किया है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नारा चंद्रबाबू नायडू ने ज्योति यार्राजी को बधाई देते हुए एक भावुक संदेश साझा किया।
नायडू का बयान:
ज्योति यार्राजी, भारत की सबसे तेज़ महिला हर्डलर और एक चमकती तेलुगु बेटी को हार्दिक बधाई, जिन्होंने गुमी, दक्षिण कोरिया में आयोजित 26वीं एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में महिलाओं की 100 मीटर हर्डल्स में स्वर्ण पदक जीतकर देश और आंध्र प्रदेश को गौरवांवित किया है। मैं उनके उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलता की कामना करता हूँ।”
नायडू ने कहा कि ज्योति यार्राजी की यह जीत न केवल खेल जगत में भारत की बढ़ती ताकत को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि तेलुगु युवा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का परचम लहरा रहे हैं।
एक प्रेरणादायक सफर
ज्योति यार्राजी ने कठिन परिश्रम, लगन और आत्मविश्वास के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। विशाखापट्टनम से आने वाली ज्योति ने अपने करियर में कई बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़े हैं और भारत को कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिनिधित्व किया है।
इस जीत के साथ वह न केवल भारतीय महिलाओं के लिए, बल्कि देश के युवाओं के लिए भी एक मिसाल बन चुकी हैं।
तेलुगु समाज में खुशी की लहर
ज्योति की इस ऐतिहासिक जीत पर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लोगों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर उन्हें बधाइयों का तांता लगा हुआ है। खेल प्रेमियों से लेकर राजनेताओं तक, हर कोई उनकी मेहनत और प्रदर्शन की सराहना कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की पहचान
ज्योति की यह उपलब्धि सिर्फ व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि यह भारत की बढ़ती खेल शक्ति और महिलाओं की भागीदारी की पहचान भी है। उनके जैसी एथलीटों की सफलता से आने वाली पीढ़ियाँ प्रेरित होंगी और देश का नाम भविष्य में और ऊँचाइयों तक पहुँचेगा।
ज्योति यार्राजी की यह स्वर्णिम उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है। श्री नारा चंद्रबाबू नायडू द्वारा दिया गया यह संदेश न केवल उनके समर्थन और गौरव को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि जब देश की बेटियाँ आगे बढ़ती हैं, तो पूरा राष्ट्र उनके साथ खड़ा होता है।

