जमशेदपुर: उत्तर प्रदेश में अपराध की दुनिया का एक बड़ा नाम रहा अनुज कनौजिया आखिरकार पुलिस एनकाउंटर में मार डाला गया। एनकाउंटर करने के बाद यूपी एसटीएफ ने मुख्तार अंसारी गैंग के इस शार्प शूटर के जुर्म की जो दास्तां सुनाई उससे पता चलता है कि इस बदमाश का आतंक कारोबारियों के सिर चढ़ कर बोलता था। अनुज कनौजिया ने अपने आका मुख्तार अंसारी के कहने पर साल 2009 में एक इंजीनियर की हत्या कर जुर्म की दुनिया में कदम रखा था। उसके बाद कनौजिया जरायम के दलदल में धंसता ही चला गया।
कारोबारियों पर था अनुज का खौफ

मुख्तार अंसारी गैंग के इस कुख्यात अपराधी का खौफ इतना था कि व्यापारी अपनी दुकानों के बोर्ड से मोबाइल नंबर तक हटा देते थे। कई वर्षों तक यूपी के अलग-अलग थानों में वांछित इस अपराधी के खिलाफ 23 मामले दर्ज थे।आतंक का साया: व्यापारियों ने मिटवा दिए अपने नंबरअनुज कनौजिया का सबसे ज्यादा आतंक मऊ जिले के रानीपुर और चिरैयाकोट थाना क्षेत्र में था। यहां दुकानदारों ने अपने बोर्ड से नाम और मोबाइल नंबर हटा दिए थे, ताकि उसकी नजर उन पर न पड़े।
दिनदहाड़े की थी एजेंसी संचालक की हत्या

यह वही अपराधी था जिसने चिरैयाकोट बाजार में होली के पहले दिनदहाड़े एक हीरो होंडा एजेंसी संचालक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। रंगदारी और हत्या का लंबा आपराधिक इतिहासअनुज कनौजिया ने 2009-10 में एक बड़े सरकारी ठेके को मैनेज करने के विवाद में एक इंजीनियर की हत्या कर दी थी। इस मामले में उसे गिरफ्तार कर गोरखपुर जेल भेजा गया, फिर 2016 में मेरठ जेल स्थानांतरित कर दिया गया, जहां से उसे बेल मिल गई। बेल पर बाहर आने के बाद, वह फिर से अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया।
2019 में फिर हत्या का आरोपी
2019 में मऊ जिले के तरंवा ऐराकला गांव में एक व्यक्ति की हत्या में अनुज कनौजिया आरोपी बना। इस मामले में मुख्तार अंसारी सहित 11 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद से ही अनुज फरार था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
2021 में कुर्क की गई संपत्ति
21 सितंबर 2021 को कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने चिरैयाकोट स्थित बहलोलपुर नवापुरा में उसकी चल-अचल संपत्तियों को कुर्क किया था। मऊ के तरंवा थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में मुख्तार अंसारी समेत 11 आरोपी जेल में थे, लेकिन अनुज कनौजिया अभी भी फरार चल रहा था।
रंगदारी में पत्नी भी गिरफ्तार
मार्च 2023 में अनुज की पत्नी रीना राय को पुलिस ने झारखंड से गिरफ्तार किया। उसने भोलानाथ इंटर कॉलेज के प्रबंधक हंसनाथ यादव से अपने बैंक खाते में एक लाख रुपये रंगदारी भेजने को कहा था। इससे पहले वह तीन बार में 30,000 रुपये वसूल चुका था। जब प्रबंधक ने पैसे देने से इनकार किया, तो अनुज ने उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
अंत में एसटीएफ के ऑपरेशन में ढेर
झारखंड और गोरखपुर एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में अंततः इस खूंखार अपराधी का सफर खत्म हो गया। कई सालों तक दहशत का दूसरा नाम रहे अनुज कनौजिया का अंत एक मुठभेड़ में हुआ, जिससे व्यापारी और स्थानीय लोग राहत की सांस ले रहे हैं।

