चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक दंतैल हाथी ने सबको चिंतित कर दिया है। लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए जिलेवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं। विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी के निर्देशानुसार चाईबासा और कोल्हान डिवीजन में व्यापक स्तर पर निगरानी और त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था की गई है।

जानकारी के अनुसार, जिले में आरसीसीएफ जमशेदपुर, सीएफ चाईबासा सहित सभी वन प्रमंडल पदाधिकारी जिला मुख्यालय में कैंप कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। दोनों डिवीजन में गठित टीमों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में सार्वजनिक घोषणा कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है तथा टॉर्च और पटाखों का वितरण किया गया है।
हाथियों की गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) की तैनाती की गई है। 4 जनवरी से बंगाल से विशेषज्ञों की टीम को भी लगाया गया है, जो हाथियों को मानव बस्तियों से दूर रखने और जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए कार्य कर रही है।
समस्या उत्पन्न कर रहे दंतैल हाथी को बेहोश कर अन्यत्र स्थानांतरित करने की दिशा में 6 जनवरी 2026 को वनतारा (जामनगर, गुजरात) से औपचारिक बातचीत शुरू की गई। वहीं 7 जनवरी 2026 की दोपहर वाइल्डलाइफ SOS और मोबाइल वेटरनरी यूनिट, क्योंझर (ओडिशा) से भी औपचारिक चर्चा की गई, जिसके बाद उसी शाम MVU क्योंझर (WTI) की टीम चाईबासा पहुंच गई।
इसके अलावा CCF वाइल्डलाइफ की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है, जो मौके पर कैंप कर आवश्यक कार्रवाई करेगी। प्रभावित इलाकों में थर्मल ड्रोन कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है। नियमानुसार पीड़ितों को अनुग्रह राशि (एक्स-ग्रेशिया) एवं मुआवजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी जारी है।
हाथियों के हमले में घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराकर बेहतर इलाज की व्यवस्था की गई है। वहीं PCCF वाइल्डलाइफ स्वयं चाईबासा का दौरा कर रहे हैं तथा वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII), देहरादून से भी विशेषज्ञों को बुलाया गया है। वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

