नई दिल्ली : नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर कस्टम्स (Customs) अधिकारियों ने एक बड़ी ड्रग तस्करी की साजिश का खुलासा किया है। एक केन्याई नागरिक, जो अदीस अबाबा (इथियोपिया) से आया था, को संदेह के आधार पर रोका गया था। जांच में उसने स्वीकार किया कि उसने अपने पेट में कोकीन से भरे 67 कैप्सूल निगल रखे थे, जिसे भारत में तस्करी के लिए लाया गया था।
यात्री की संदेहास्पद गतिविधियां
जानकारी के अनुसार, कस्टम्स अधिकारियों को इस यात्री की गतिविधियों पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसे एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर रोका गया। यहां, उसकी विस्तृत पूछताछ की गई। पहले तो यात्री ने विभिन्न बहाने बनाने की कोशिश की, लेकिन गहन जांच के बाद उसने यह स्वीकार किया कि उसने पेट में कोकीन से भरे कैप्सूल निगल लिए थे। इसके बाद उसे तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में पेट से कैप्सूल निकाले गए।
मेडिकल जांच में खुलासा
अस्पताल में, डॉक्टरों ने यात्री के पेट से 67 कैप्सूल निकाले। जब इन कैप्सूल को काटकर देखा गया, तो इनमें 996 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन पाई गई। कस्टम्स अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई कि यह कोकीन है और इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 14.94 करोड़ रुपये बताई गई।
यह साबित करता है कि यह मामला एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था, जिसने कोकीन को भारत में तस्करी करने की कोशिश की थी। ऐसे मामलों में तस्कर अक्सर नशीले पदार्थों को छोटे कैप्सूलों में भरकर निगल लेते हैं, ताकि वे सुरक्षा जांच में पकड़े न जाएं।
तस्करी के तरीके और खतरे
ड्रग तस्करी में यह एक आम तरीका है, जिसमें तस्कर नशीले पदार्थों को प्लास्टिक या लेटेक्स से बने छोटे कैप्सूलों में भरकर निगल लेते हैं। इस तरह से तस्कर एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच से बचने की कोशिश करते हैं। हालांकि, यह तरीका बेहद खतरनाक होता है, क्योंकि अगर किसी कारणवश कैप्सूल पेट में फट जाए, तो तस्कर की जान तक जा सकती है। ऐसी स्थिति में पेट के अंदर ड्रग्स के रिसाव से तत्काल मौत हो सकती है, जो इस तरह की तस्करी के जोखिम को और भी बढ़ा देता है।
कानूनी कार्रवाई
इस मामले में, 7 फरवरी को यात्री को एनडीपीएस एक्ट (1985) की धारा 21, 23 और 29 के तहत गिरफ्तार किया गया है। उसे तस्करी और प्रतिबंधित सामान रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही, जब्त की गई कोकीन को एनडीपीएस एक्ट की धारा 43(a) के तहत सुरक्षित कर लिया गया है।
इस ड्रग तस्करी की साजिश का खुलासा इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर कस्टम्स अधिकारियों की सतर्कता और सावधानी से हुआ, जिससे एक बड़े तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ। अधिकारियों की तत्परता ने न केवल देश में ड्रग्स की तस्करी को रोका, बल्कि इसके खतरनाक परिणामों से भी बचाव किया।
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