Khunti : अबुआ झारखंड पार्टी के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या जमीन विवाद के कारण की गई थी। खूंटी पुलिस ने इस बहुचर्चित हत्याकांड का मंगलवार को खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पालकोट राज परिवार के सदस्य देवव्रत नाथ शाहदेव सहित अन्य लोग शामिल हैं।
मंगलवार की शाम पुलिस अधीक्षक मनीष टोप्पो ने अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि जियारप्पा गांव स्थित करीब 3.16 एकड़ जमीन को लेकर यह हत्या कराई गई। इस जमीन पर लंबे समय से पड़हा समिति की ओर से जतरा का आयोजन होता रहा है। पुलिस के अनुसार जमीन दलालों ने कब्जे की नीयत से भाड़े के शूटरों के जरिए सोमा मुंडा की हत्या करवाई।
एसपी ने बताया कि देवव्रत नाथ शाहदेव ने 20 से 27 नवंबर के बीच उक्त जमीन का समतलीकरण और नापी का कार्य कराया गया था। इसमें अन्य गिरफ्तार आरोपियों ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग किया। बाद में चहारदीवारी निर्माण के लिए नींव खुदाई शुरू की गई। इसे पड़हा समिति के विरोध के बाद रोक दिया गया। तीन जनवरी को ग्रामीणों ने पत्थरगड़ी कर जमीन पर कब्जे के प्रयास का विरोध किया था।
इसी विरोध से आक्रोशित होकर जमीन दलालों ने पड़हा राजा सोमा मुंडा को रास्ते से हटाने की साजिश रची और हत्या को अंजाम दिलवाया। पुलिस ने बताया कि इस साजिश में शामिल अन्य जमीन दलाल और दोनों शूटर अभी फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
देवव्रत नाथ शाहदेव का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार देवव्रत नाथ शाहदेव का पूर्व से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ रांची के कांके थाना में भाजपा नेता अनिल टाइगर हत्याकांड सहित हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। इसमें वह पूर्व में जेल भी जा चुका है।

