Khunti: खूंटी जिले में रविवार को एक सड़क हादसे में दो पादरियों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा खूंटी-सिमडेगा मुख्य पथ पर उस वक्त हुआ, जब दोनों पादरी पिकनिक मनाकर लौट रहे थे। शुरुआती जांच में हादसे की वजह वाहन की तेज रफ्तार बताई जा रही है।

छत्तीसगढ़ और ओडिशा के रहने वाले थे पादरी
मृतकों में छत्तीसगढ़ निवासी 65 वर्षीय स्टेनिस लास कुजूर और ओडिशा निवासी 56 वर्षीय ग्रेगोरी बिलुंग हैं। दोनों मिशनरी धर्म समाज से जुड़े पादरी थे। ग्रेगोरी बिलुंग ‘आपूचिन सोसाइटी’ के चेयरमैन थे। जबकि, स्टेनिस लास कुजूर सामलोंग स्थित रांची विद्या सदन से जुड़े थे।
चंचला घाघ पिकनिक मनाने गए थे लोग
बताते हैं कि अनगड़ा, गेतलसूद और सामलोंग से लगभग 60 लोगों का एक दल तोरपा स्थित चंचला घाघ पिकनिक मनाने गया था। लौटते समय दोनों पादरी एक स्कॉर्पियो वाहन में थे। जबकि, बच्चे और अन्य सदस्य बस से सफर कर रहे थे।चकला मोड़ के पास हुआ हादसाशाम करीब चार बजे चकला मोड़ के पास तेज रफ्तार स्कॉर्पियो बेकाबू हो गई और सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों पादरियों की मौके पर ही मौत हो गई।
सोमवार को परिजनों को सौंपे जाएंगे शव
दुर्घटना की सूचना मिलते ही तोरपा थाना प्रभारी मुकेश यादव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उपप्रमुख संतोष कर और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे शवों को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।थाना प्रभारी मुकेश यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और मोड़ पर वाहन से नियंत्रण खोना हादसे की मुख्य वजह है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। गौरतलब है कि इससे पहले भी खूंटी जिले में सड़क हादसों में पादरियों की मौत हो चुकी है। इससे सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

