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सरकार व किसानों के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता, दिल्ली मार्च रुकने के आसार

by Rakesh Pandey
Kisan Andolan
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दिल्ली। Kisan Andolan: किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच 22 फरवरी 2024 को चौथे दौर की वार्ता (Kisan Andolan) के बाद एक ऐतिहासिक समझौता हुआ। यह वार्ता किसान नेताओं और केंद्र सरकार के तीन मंत्रियों (अर्जुन मुंडा, पीयूष गोयल और नित्यानंद राय) के बीच 18 फरवरी रविवार को हुई। इस समझौते के तहत, सरकार ने किसानों की मांगों को स्वीकार करते हुए 5 साल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल खरीद का अनुबंध करने का प्रस्ताव दिया है। इसके साथ ही, किसानों ने दिल्ली मार्च रोकने पर सहमति जताई है। बता दें कि बैठक चंडीगढ़ सेक्टर 26 स्थित महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान में हुई।

Kisan Andolan- क्या कहा सरवन सिंह ने?

गौरतलब है कि सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि हमने फिलहाल दो दिन का समय मांगा है। हम सभी आपस में बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा की अगर हमारे बीच सहमति बन गई तो हम आंदोलन वापस लेंगे। वहीं अगर सहमति नहीं बनती है तो 21 फरवरी को दिल्ली की ओर कूच करेंगे।

Kisan Andolan- समझौते की मुख्य बातें

5 साल का MSP कॉन्ट्रैक्ट: सरकार ने 5 साल के लिए गेहूं, धान, दालें और तिलहन के लिए MSP पर खरीद का अनुबंध करने का प्रस्ताव दिया है।

MSP फॉर्मूले पर समिति गठित: सरकार ने MSP फॉर्मूले पर विचार-विमर्श के लिए एक समिति गठित करने का प्रस्ताव दिया है। इस समिति में किसानों, कृषि विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।

MSP के अलावा अन्य मांगों पर भी विचार

सरकार ने किसानों की MSP के अलावा अन्य मांगों पर भी विचार करने का आश्वासन दिया है। इन मांगों में बिजली बिल माफी, कर्ज माफी और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार MSP लागू करना शामिल है। इस समझौते के बाद किसान नेताओं ने दिल्ली मार्च रोकने पर सहमति जताई है।

Kisan Andolan- इस समझौते का महत्व

यह समझौता किसानों और सरकार के बीच एक ऐतिहासिक मोड़ है। 5 साल के MSP कॉन्ट्रैक्ट से किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य मिलने की गारंटी मिलेगी। यह समझौता MSP फॉर्मूले पर विचार-विमर्श के लिए एक समिति गठित करने का भी प्रस्ताव देता है, जो किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग रही है।

शुरू हुई विश्वास बहाली की प्रक्रिया

इस समझौते के बाद, किसानों और सरकार के बीच विश्वास बहाली की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह विश्वास बहाली भविष्य में कृषि सुधारों के लिए महत्वपूर्ण होगी। यह समझौता भारत के किसानों के लिए एक बड़ी जीत है। यह किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य मिलने और उनकी आय में वृद्धि करने में मदद करेगा। यह समझौता भारत के कृषि क्षेत्र में एक नया युग शुरू करने की क्षमता रखता है।

 

 

 

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