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Kolhan University Convocation: कोल्हान विवि के 7वें दीक्षांत समारोह का राज्यपाल ने किया उद्घाटन, स्वर्ण पदक में छात्राओं की चमक बरकरार

समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों के कुल 224 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गयी। इनमें 39 पीएचडी, 132 स्नातकोत्तर (पीजी), 17 पीजी मेडिकल डिप्लोमा और 10 एमएड की उपाधियां शामिल हैं। 

by Rajeshwar Pandey
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चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय के प्रांगण स्थित सभागार में मंगलवार को 7वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह का उद्घाटन झारखंड के राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने किया। राज्यपाल के विश्वविद्यालय पहुंचने पर कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता ने फूलों का गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया। इसके बाद राज्यपाल ने विधिवत दीक्षांत समारोह का उद्घाटन किया।

समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों के कुल 224 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गयी। इनमें 39 पीएचडी, 132 स्नातकोत्तर (पीजी), 17 पीजी मेडिकल डिप्लोमा और 10 एमएड की उपाधियां शामिल हैं। समारोह की खास बात यह रही कि स्वर्ण पदक हासिल करने वालों में छात्राओं का दबदबा बरकरार रहा। कुल 26 स्वर्ण पदक विजेताओं में 15 छात्राएं और 11 छात्र शामिल हैं।

माता-पिता और शिक्षकों को दी बधाई

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के साथ उनके माता-पिता और शिक्षकों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता में परिवार और शिक्षकों के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

दीक्षांत समारोह केवल उपाधि लेने का नहीं, समाज के प्रति दायित्व निभाने का संकल्प भी है- राज्यपाल

राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधि प्राप्त करने का अवसर नहीं है, बल्कि समाज के प्रति अपने दायित्वों को निभाने का संकल्प लेने का भी अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास में करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कोल्हान विश्वविद्यालय की अपनी अलग पहचान है। जनजातीय क्षेत्र में स्थित इस विश्वविद्यालय की शिक्षा और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका है। कोल्हान सांस्कृतिक और जनजातीय विविधता से समृद्ध क्षेत्र है। इसलिए आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ स्थानीय जनजातीय भाषाओं, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण और विकास पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।

महिला शिक्षा पर विशेष जोर

राज्यपाल ने महिला शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि कोल्हान विश्वविद्यालय की यह विशेष पहचान है कि यहां छात्रों की तुलना में छात्राओं की संख्या अधिक है। उन्होंने कहा कि एक बेटी की शिक्षा पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ी को नई दिशा देती है। ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने विश्वविद्यालय में छात्रावास, छात्रवृत्ति, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और विद्यार्थियों के विकास के अवसरों को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।

स्थानीय समस्याओं पर हो शोध

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में नवाचार और शोध की संस्कृति को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोल्हान क्षेत्र की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जनजातीय समाज, कृषि, पर्यावरण, स्वास्थ्य, स्थानीय अर्थव्यवस्था, जनजातीय भाषाओं और संस्कृति से जुड़े विषयों पर शोध को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का शोध केवल अकादमिक उपलब्धि तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका उद्देश्य समाज के उत्थान और स्थानीय समस्याओं के व्यावहारिक समाधान में भी योगदान देना होना चाहिए।

समय पर परीक्षा और विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान जरूरी

राज्यपाल ने कहा कि कुलाधिपति के रूप में उनका निरंतर प्रयास रहा है कि विश्वविद्यालयों के सभी शैक्षणिक सत्र नियमित रहें और परीक्षाएं समय पर आयोजित हों। विद्यार्थियों का भविष्य और उनका समय विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। विश्वविद्यालय के केंद्र में विद्यार्थी होना चाहिए और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान होना चाहिए, जिससे विश्वविद्यालय और विद्यार्थियों के बीच विश्वास मजबूत बना रहे।

एआई और डिजिटल तकनीक के अवसरों को पहचानें विद्यार्थी

राज्यपाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक और जैव प्रौद्योगिकी नई संभावनाएं लेकर आ रही हैं। विद्यार्थियों को इन अवसरों के लिए खुद को तैयार करना चाहिए। साथ ही अपने आसपास की समस्याओं को समझकर उनके व्यावहारिक समाधान तलाशने की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय समस्याओं के समाधान की सोच विद्यार्थियों को समाज से जोड़ती है। आज भारत महत्वपूर्ण बदलाव के दौर से गुजर रहा है और विकास के नए आयाम सामने आ रहे हैं। विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने में विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल, नवाचार और जिम्मेदारी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

सफलता केवल नौकरी पाने में नहीं

राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता का अर्थ केवल अच्छी नौकरी प्राप्त करना नहीं है। वास्तविक सफलता तब है, जब शिक्षा व्यक्ति के व्यक्तित्व को बेहतर बनाए और उसका ज्ञान समाज के लिए उपयोगी साबित हो। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी जड़ों से जुड़े रहने और कोल्हान की पहचान को अपने साथ लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपनी अलग पहचान बनाएं और आने वाले वर्षों में उनके नाम के साथ सामाजिक योगदान की पहचान भी जुड़नी चाहिए। उन्होंने कोल्हान, झारखंड और देश के विकास में योगदान देने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इन विद्यार्थियों ने हासिल किया स्वर्ण पदक

विश्वविद्यालय द्वारा जारी सूची के अनुसार बीएड सत्र 2023-25 में इशरत परवीन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। एमएड सत्र 2023-25 में सुभद्रा लागुरी और एमबीए सत्र 2022-24 में नीलम परवीन ने प्रथम स्थान हासिल किया।

सत्र 2023-25 के स्नातकोत्तर के विभिन्न विषयों में टॉपरों में एंथ्रोपोलॉजी में जुरा बारीबांग्ला और लक्ष्मीमोनी मुर्मू, बॉटनी में ज्योत्स्ना रानी जेना, केमिस्ट्री में कृति दीपा मोहंता, कॉमर्स में अमिला सिंकू, इकोनॉमिक्स में बिमल बारजो, अंग्रेजी में प्रियंका महतो, भूगोल में शुभदीप हलदर, हिंदी में संजय सोलोमन, इतिहास में वर्षा साथुआ, होम साइंस में गुरुमनी सरदार, हो में मादे कोराह, कुड़माली में बालकिशोर महतो, गणित में सरोज कुमार आदित्य, उड़िया में सस्मिता गिरी, दर्शनशास्त्र में शिवा पूर्ति, राजनीति विज्ञान में सागर कुमार, फिजिक्स में लाल मुर्मू, मनोविज्ञान में आरती कुमारी, संस्कृत में रूपा सिंह मुंडा, संताली में गौरांग मुर्मू, उर्दू में मो. मिन्हाज आलम और जूलॉजी में वजीहा खुर्शीद शामिल हैं।

क्यूआर कोड वाली हाईटेक डिग्री

इस बार विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को उन्नत तकनीक से तैयार डिग्रियां प्रदान कर रहा है। डिग्रियों को वाटरप्रूफ और फायरप्रूफ बनाया गया है। फर्जीवाड़े से बचाने के लिए इनमें क्यूआर कोड, वॉटरमार्क और यूवी लोगो जैसे सुरक्षा फीचर शामिल किए गए हैं। डिग्री पर विद्यार्थी का नाम और शैक्षणिक सत्र भी स्पष्ट रूप से दर्ज रहेगा।

सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम

दीक्षांत समारोह का शुभारंभ सुबह 10:30 बजे निर्धारित किया गया था, जबकि उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का सभागार में सुबह 9 बजे से ही पहुंचना शुरू हो गया था। समारोह के दौरान कुलपति विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट की। सुरक्षा के मद्देनजर सभागार के भीतर मोबाइल फोन, बैग और किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया था।

सख्त सुरक्षा निर्देश और कार्यक्रम का समय

दीक्षांत समारोह का शुभारंभ सुबह 10:30 बजे से तय है, हालांकि उपाधि लेने वाले विद्यार्थियों का सुबह 9:00 बजे से ही सभागार में आगमन शुरू हो चुका है। आयोजन के दौरान विश्वविद्यालय की कुलपति वार्षिक रिपोर्ट पेश करेंगी।सुरक्षा के दृष्टिकोण से हॉल के भीतर मोबाइल फोन, बैग और किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लागू किया गया है।
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