
रांची : झारखंड में गैर-असैनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में पदोन्नति का एक पद करीब एक साल से खाली है। वर्ष 2025 की एक रिक्ति के विरुद्ध पांच अधिकारियों का चयन किया जाना है। इन्हीं में से किसी एक अधिकारी को आईएएस में पदोन्नति मिलेगी। लेकिन स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पाने से मामला अब तक अटका हुआ है।
मिली जानकारी के अनुसार, जेपीएससी के पूर्व सचिव अक्षय कुमार सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद राज्य प्रशासनिक सेवा को छोड़ अन्य सेवाओं से एक अधिकारी को आईएएस में पदोन्नति दी जानी है। इसके लिए इंजीनियरिंग सेवा, योजना सेवा, सीडीपीओ, सूचना सेवा समेत विभिन्न सेवाओं के अधिकारियों के नाम पर विचार किया जा रहा है।
कार्मिक विभाग ने पहले सभी संबंधित विभागों से पात्र अधिकारियों की सूची मांगी थी। विभागों से मिली सूची में सीडीपीओ संवर्ग के सबसे अधिक आठ महिला पदाधिकारियों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। इसके बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक हुई, लेकिन किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन सकी।
फिर मांगी गई पात्र अधिकारियों की सूची
कार्मिक विभाग के सूत्रों के अनुसार, सूची में शामिल सभी अधिकारी पदोन्नति के लिए पात्र हैं, लेकिन स्क्रीनिंग कमेटी निर्धारित मानकों के आधार पर किसी एक नाम को लेकर पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो सकी। इसके बाद कार्मिक विभाग ने समाज कल्याण, वाणिज्य कर, स्वास्थ्य समेत सभी संबंधित विभागों को दोबारा पत्र भेजकर पात्र अधिकारियों की सूची मांगी है।
विभागों से अधिकारियों के नाम के साथ उनकी अनुशंसा भी मांगी गई है। सूची मिलने के बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली स्क्रीनिंग कमेटी की फिर बैठक होगी। इसमें पांच अधिकारियों का चयन किया जाएगा। इसके बाद इनमें से एक नाम की अनुशंसा यूपीएससी को भेजी जाएगी। यूपीएससी की संबंधित समिति से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को जाएगा। इसके बाद ही आईएएस में पदोन्नति की अधिसूचना जारी हो सकेगी।

