
Jamshedpur : झारखंड में जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित केनरा बैंक में करीब 34 करोड़ रुपये मूल्य के सोने और 43 लाख रुपये नकद की लूट ने झारखंड में बैंक डकैती की घटनाओं को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। 24 सितंबर को हुई इस वारदात को राज्य गठन के बाद की सबसे बड़ी बैंक डकैती बताया जा रहा है। इससे पहले भी झारखंड में बैंकों और गोल्ड लोन कंपनियों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये के सोने और नकदी की लूट की कई घटनाएं हो चुकी हैं।
इन वारदातों में अंतरराज्यीय गिरोहों की भूमिका, बैंक की रेकी, फर्जी पहचान और हथियारों के बल पर कर्मचारियों व सुरक्षाकर्मियों को बंधक बनाकर कम समय में लूट को अंजाम देने का पैटर्न सामने आया है।
जमशेदपुर केनरा बैंक डकैती, 24 सितंबर 2026
स्थान: गोलमुरी, जमशेदपुर
लूट: करीब 34 करोड़ रुपये मूल्य का 23 किलोग्राम सोना और 43 लाख रुपये नकद
मूसलाधार बारिश के बीच रेनकोट पहने पांच हथियारबंद अपराधी सुबह करीब 9:20 बजे गोलमुरी स्थित केनरा बैंक में दाखिल हुए। अपराधियों ने सुरक्षा गार्ड को घायल कर बैंक कर्मचारियों को बंधक बना लिया। इसके बाद चेस्ट में रखी नकदी और गोल्ड लोन से संबंधित करीब 600 पैकेट सोना लेकर फरार हो गए। पूरी वारदात करीब 24 मिनट में अंजाम दी गई। अपराधी दो बाइक से मौके से भागे।
बरही बैंक ऑफ महाराष्ट्र डकैती, 24 अप्रैल 2026
स्थान: बरही, हजारीबाग
लूट: करीब सात करोड़ रुपये का सोना और पांच लाख रुपये नकद
बरही स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में चार नकाबपोश अपराधियों ने दिनदहाड़े धावा बोला। बताया गया कि दो अपराधी चालू खाता खुलवाने के बहाने बैंक में दाखिल हुए और कुछ ही देर बाद उनके दो हथियारबंद साथी भी अंदर पहुंच गए। मैनेजर के साथ मारपीट करने के बाद अपराधियों ने कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बना लिया। इसके बाद स्ट्रांग रूम से गोल्ड लोन का सोना और नकदी लेकर करीब 10 मिनट में फरार हो गए।
मधुपुर HDFC बैंक डकैती, 22 सितंबर 2025
स्थान: राजबाड़ी रोड, मधुपुर, देवघर
लूट: 1.70 करोड़ रुपये नकद और करीब 2.2 किलोग्राम सोने के आभूषण
मधुपुर के HDFC बैंक में अंतरराज्यीय गिरोह ने वारदात को अंजाम दिया था। अपराधियों ने हथियार के बल पर बैंक कर्मचारियों को कब्जे में लेकर स्ट्रांग रूम से नकदी और सोना लूटा। वारदात के दौरान गिरोह के एक सदस्य के बुर्का पहनकर महिला के वेश में बैंक पहुंचने की बात सामने आई थी। बाद में देवघर पुलिस ने हरियाणा, गोवा, बिहार और उत्तर प्रदेश समेत कई स्थानों पर छापेमारी कर मास्टरमाइंड सहित 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
मानगो बैंक ऑफ इंडिया लूट, 18 अगस्त 2022
स्थान: उलीडीह, मानगो, जमशेदपुर
लूट: 35 लाख रुपये नकद और करीब 1.25 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण
मानगो के बैंक ऑफ इंडिया में अपराधियों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर प्रवेश किया था। चार से पांच अपराधियों ने जांच के नाम पर बैंक में पहुंचकर कर्मचारियों को हथियार के बल पर अपने कब्जे में लिया। इसके बाद कैश चेस्ट और गोल्ड सेफ से नकदी व सोने के आभूषण लूटकर फरार हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में घटना के मास्टर माइंड बिहार की राजधानी पटना के रहने वाले राजीव रंजन कुमार, उसकी पत्नी निभा कुमारी, जहानाबाद के धर्मेंद्र कुमार व प्रमोद बिंद और रांची के डोरंडा निवासी नीरज बराइली को गिरफ्तार किया था। इस केस में पुलिस 26 चांदी के सिक्के और 30 हजार 100 रुपये नकद ही बरामद कर सकी थी।
धनबाद मुथूट फिनकॉर्प डकैती का प्रयास, 6 सितंबर 2022
स्थान: बैंक मोड़, धनबाद
घटना: करोड़ों रुपये का सोना लूटने का प्रयास
धनबाद के बैंक मोड़ इलाके में मुथूट फिनकॉर्प की शाखा में हथियारबंद अपराधी सोना लूटने पहुंचे थे। पुलिस को इसकी जानकारी मिलने के बाद शाखा को घेर लिया गया। पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें एक अपराधी मारा गया, जबकि दो अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बड़ी लूट की वारदात टल गई।
दुमका में राष्ट्रीयकृत बैंक की लूट, 4 दिसंबर 2018
स्थान: दुमका शहर
लूट: 35 लाख रुपये नकद
दुमका नगर थाना क्षेत्र में स्थित एक राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा में छह हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े धावा बोला था। अपराधियों ने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों का फायदा उठाते हुए करीब 35 लाख रुपये नकद लूट लिए और फरार हो गए। घटना के बाद बैंक की सुरक्षा व्यवस्था और अलार्म सिस्टम को लेकर भी सवाल उठे थे।
रेकी से लेकर वारदात तक, एक जैसा पैटर्न
पुलिस जांच में सामने आई जानकारियों के अनुसार, झारखंड में बैंक और गोल्ड लोन संस्थानों को निशाना बनाने वाली कई वारदातों में अंतरराज्यीय गिरोहों की भूमिका सामने आई है। अपराधी घटना से पहले बैंक और उसके आसपास के इलाके की रेकी करते हैं। कई बार फर्जी पहचान के आधार पर होटल या लॉज में ठहरने और फिर बैंक खुलने के शुरुआती समय में वारदात करने का तरीका अपनाया गया।
कई घटनाओं में बारिश, सुरक्षा व्यवस्था की कमी और बैंक में मौजूद सोने तथा नकदी की जानकारी का फायदा उठाया गया। अपराधियों की कोशिश रहती है कि हथियार के बल पर कर्मचारियों को कुछ ही मिनटों में काबू कर स्ट्रांग रूम या गोल्ड सेफ तक पहुंचा जाए और तेजी से फरार हो जाएं। जमशेदपुर की केनरा बैंक डकैती ने इस पूरे पैटर्न के सामने बैंक और गोल्ड लोन संस्थानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब जागी है जमशेदपुर पुलिस
गोलमुरी में केनरा बैंक में डकैती के बाद अब जमशेदपुर पुलिस जाग गई है। एसएसपी एहतेशाम वकारिब के आदेश पर पूरे जिले में बैंकों और आभूषण दुकानों का सर्वे हो रहा है। पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वह अपने इलाके में पड़ने वाले बैंकों और आभूषण दुकानों को गश्त के दायरे में लें। बैंकों और आभूषण दुकानों के पास रात और दिन गश्त करने के निर्देश हैं। सभी बैंकों और आभूषण दुकानों का डाटा तैयार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि बैंकों और ज्वैलरी की दुकानों पर गश्त का बकायदा रजिस्टर तैयार किया जा रहा है। इन इलाकों में गश्त करने वाले अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।

