
पलामू : पलामू स्थित नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय से एक बड़ा वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। करीब 3.46 करोड़ रुपये के खर्च का कोई लेखा-जोखा नहीं मिल पा रहा है। यह रकम विश्वविद्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को अलग-अलग कामों के लिए एडवांस के तौर पर दी गई थी, लेकिन लंबे समय से इसका कोई हिसाब नहीं चुकाया गया है।
विश्वविद्यालय में हाल ही में कराए गए स्पेशल ऑडिट और चार्टर्ड अकाउंटेंट की रिपोर्ट से इस बड़े गोलमाल का पता चला है। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों और कर्मचारियों ने पैसे तो एडवांस में ले लिए, लेकिन काम पूरा होने के बाद उनसे जुड़े पक्के बिल जमा नहीं किए।
पुराना हिसाब चुकता किए बिना बंटते रहे और पैसे
वित्तीय नियमों की अनदेखी का आलम यह रहा कि पुराना हिसाब चुकता किए बिना ही दोबारा एडवांस की राशि बांट दी गई। ऑडिट में खुलासा हुआ है कि परीक्षा फंड से दिया गया लगभग 2.27 करोड़ रुपये का एडवांस बकाया है। इसी तरह, यूनिवर्सिटी के जनरल फंड से दिए गए 1.19 करोड़ रुपये के अग्रिम भुगतान का भी कोई समायोजन नहीं हुआ है। दोनों मदों को मिलाकर यह आंकड़ा 3.46 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।
ऑडिट टीम ने दिए कड़े निर्देश
विशेष जांच टीम ने इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है और इसे वित्त विभाग के दिशानिर्देशों का सीधा उल्लंघन माना है। टीम ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सिफारिश की है कि जिन भी अधिकारियों और कर्मचारियों के पास एडवांस के पैसे अटके हैं, उनसे इसकी तुरंत वसूली की जाए। साथ ही, जिन लोगों ने जानबूझकर हिसाब जमा नहीं किया है, उन पर विभागीय कार्रवाई भी की जानी चाहिए।
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