
रामगढ़ : सड़क निर्माण की वर्षों पुरानी मांग पूरी नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने अब आंदोलन तेज कर दिया है। झारखंड के रामगढ़ जिला अंतर्गत कंजगी यादव चौक से अरगड्डा चपरी मोड़ तक सड़क निर्माण की मांग को लेकर बुमरी पंचायत, बड़का चुम्बा और आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन चक्का जाम शुरू किया है। ग्रामीणों ने सड़क पर ही आंदोलन का डेरा जमा लिया है और दिन के साथ रात में भी आंदोलन स्थल से हटने को तैयार नहीं हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित सड़क उनके दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सड़क की स्थिति और निर्माण से जुड़ी मांग को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है, लेकिन ठोस पहल नहीं होने के कारण अब ग्रामीणों ने लगातार आंदोलन करने का निर्णय लिया है। आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर मौजूद हैं।
रामगढ़ में सड़क निर्माण की मांग को लेकर रातभर आंदोलन
आंदोलन की तस्वीर रात में और अधिक स्पष्ट नजर आई। रात करीब 12 बजकर 25 मिनट पर सड़क के दोनों ओर घना जंगल और बीच सड़क पर आंदोलन कर रहे ग्रामीण मौजूद थे। सामान्य परिस्थितियों में इस समय सड़क पर आवाजाही कम रहती है, लेकिन सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण खुले आसमान के नीचे आंदोलन स्थल पर डटे रहे।
आंदोलन में शामिल ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और अन्य लोगों ने सड़क के किनारे ही रात गुजारने की व्यवस्था की। जिसे जहां जगह मिली, वहीं चादर या बिस्तर बिछाकर आराम किया। कुछ लोग रातभर जागते रहे और आंदोलन स्थल पर मौजूद लोगों के साथ व्यवस्था संभालते रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि जब वर्षों से सड़क निर्माण की मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो अब आंदोलन को दिन तक सीमित रखने का कोई कारण नहीं है। इसी वजह से ग्रामीणों ने रात में भी सड़क पर मौजूद रहकर अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचाने का फैसला किया है।
आंदोलन स्थल पर ही तैयार हो रहा ग्रामीणों का खाना
चक्का जाम के दौरान ग्रामीणों ने सड़क को ही अपना अस्थायी आंदोलन स्थल बना लिया है। आंदोलन में शामिल लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था भी वहीं की जा रही है। ग्रामीण आपसी सहयोग से खाना तैयार कर रहे हैं और आंदोलन में शामिल लोगों को वहीं भोजन कराया जा रहा है।
भोजन तैयार करने से लेकर उसे परोसने तक की जिम्मेदारी ग्रामीण आपस में बांट रहे हैं। भोजन के बाद भी आंदोलन समाप्त नहीं होता। ग्रामीण सड़क किनारे ही रुकते हैं और रात में आंदोलन स्थल की निगरानी करते हैं।
आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक सड़क निर्माण को लेकर ठोस पहल नहीं होती, तब तक चक्का जाम जारी रहेगा। उनके अनुसार, यह सड़क केवल आवागमन का रास्ता नहीं है, बल्कि गांव के लोगों की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और रोजमर्रा की जरूरतों से सीधे जुड़ी हुई है।
कंजगी यादव चौक से अरगड्डा चपरी मोड़ तक सड़क की मांग
ग्रामीण कंजगी यादव चौक से अरगड्डा चपरी मोड़ तक सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। बुमरी पंचायत, बड़का चुम्बा और आसपास के गांवों के लोगों का कहना है कि इस मार्ग के निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
ग्रामीणों के मुताबिक सड़क की जरूरत केवल निजी वाहनों के आवागमन तक सीमित नहीं है। गांवों के लोगों को रोजमर्रा के काम, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और रोजगार से जुड़े कार्यों के लिए आवागमन करना पड़ता है। ऐसे में सड़क निर्माण को ग्रामीण बुनियादी सुविधा से जोड़कर देख रहे हैं।
लिखित आश्वासन के बिना आंदोलन खत्म नहीं करने पर अड़े ग्रामीण
आंदोलन कर रहे ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि केवल मौखिक आश्वासन मिलने पर चक्का जाम समाप्त नहीं किया जाएगा। उनकी मांग है कि प्रशासन सड़क निर्माण को लेकर लिखित आश्वासन दे और काम शुरू करने की स्पष्ट प्रक्रिया बताए।
ग्रामीण चाहते हैं कि प्रशासन के अधिकारी आंदोलन स्थल पर पहुंचकर उनसे बातचीत करें। इसके साथ ही सड़क निर्माण को लेकर समयसीमा और कार्ययोजना स्पष्ट की जाए। आंदोलनकारियों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई चाहिए।
जंगल के बीच रात में भी जारी रहा चक्का जाम
आंदोलन स्थल के दोनों ओर जंगल होने के कारण रात में अंधेरा और सन्नाटा रहता है। इसके बावजूद ग्रामीण बड़ी संख्या में सड़क पर मौजूद रहे। कुछ ग्रामीण आराम करते नजर आए तो कई लोग आंदोलन स्थल पर निगरानी में जुटे रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। जब उनकी मांग पर वर्षों तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, तो अब वे दिन-रात आंदोलन करने के लिए तैयार हैं। आंदोलन स्थल पर ग्रामीणों के बीच सड़क निर्माण की मांग को लेकर लगातार चर्चा होती रही।
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