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Kolhan University Convocation 2025 : केवल नौकरी की प्रतीक्षा नहीं, अवसरों का सृजन करने की क्षमता विकसित करें : राज्यपाल

केयू के छठे दीक्षांत समारोह में UG व PG के 129 टॉपर्स को गोल्डमेडल और 79 शोधार्थियों को मिली पीएचडी की उपाधि

by Anand Mishra
Kolhan University Convocation 2025
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Chaibasa (Jharkhand) : कोल्हान विश्वविद्यालय में का बहुप्रतीक्षित छठा दीक्षांत समारोह बुधवार को संपन्न हुआ। समारोह में वर्ष 2021 से लेकर 2024 तक के पासआउट छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान की गई। समारोह में सफल रहे शोधार्थियों को भी पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई।

राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आज के दौर को कौशल, तकनीक और नवाचार का युग बताते हुए कहा कि युवाओं को केवल नौकरी की प्रतीक्षा नहीं, बल्कि अवसरों का सृजन करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय से उद्योगों, अनुसंधान संस्थानों और स्थानीय उद्यमों के साथ साझेदारी बढ़ाने पर बल दिया, ताकि छात्रों को व्यवहारिक अनुभव के साथ रोजगार के अवसर भी प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि जीवन में चुनौतियाँ आएँगी, पर हर चुनौती अपने साथ अवसर भी लेकर आती है। विद्यार्थी आत्मविश्वास रखें, सीखते रहें और विनम्र बने रहें। ठीक उसी प्रकार जैसे फलदार वृक्ष फल आने पर झुक जाता है। ज्ञान का वास्तविक स्वरूप विनम्रता है। राज्यपाल ने कोल्हान विश्वविद्यालय परिवार को उनके सतत प्रयासों के लिए बधाई दी तथा विश्वविद्यालय को शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक योगदान के क्षेत्रों में और उत्कृष्टता प्राप्त करने की शुभकामनाएं दीं।

समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील रहें

राज्यपाल श्री गंगवार ने कहा कि आप आज केवल उपाधि नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारियां भी प्राप्त कर रहे हैं। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। ईमानदार प्रयास, अनुशासन, चरित्र और विनम्रता ही आपको जीवन में आगे ले जाएंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे जहाँ भी देश, विदेश जाएं या अपने गांव, समाज, झारखंड की पहचान, संस्कृति और मूल्यों को गर्व के साथ आगे बढ़ाएं तथा समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील रहें। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र, विवेक और संवेदनशीलता का विकास है। विश्वविद्यालयों का दायित्व है कि वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध और नवाचार को बढ़ावा दें, ताकि यहाँ से निकलने वाला प्रत्येक विद्यार्थी राष्ट्र का गौरव बढ़ा सके।

कोल्हान के युवाओं में दृढ़ता, अपार प्रतिभा व आगे बढ़ने की क्षमता

कोल्हान की धरती प्राकृतिक संसाधनों, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विशिष्ट जनजातीय परंपराओं के कारण पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखती है। यहां के युवाओं में अपार प्रतिभा, दृढ़ता और आगे बढ़ने की अद्भुत क्षमता है। उन्होंने कहा कि कोल्हान क्षेत्र भारत की विशिष्ट जनजातीय संस्कृति का केंद्र है। यहां के युवा उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने समाज व राज्य का गौरव बढ़ाने के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से भी जुड़े हुए हैं, यह पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है।

एनईपी-2020 दे रही शिक्षा को गति

राज्यपाल सह कुलाधिपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का मंत्र देश में शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 भारतीय ज्ञान परंपरा, कौशल आधारित शिक्षा और आधुनिक तकनीकी शिक्षा को समावेशित कर उच्च शिक्षा को नई गति दे रही है और कोल्हान विश्वविद्यालय इन संकल्पों को मूर्त रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

बेस्ट ग्रेजुएट किए गए चांसलर अवार्ड से सम्मानित

दीक्षांत समारोह में वर्ष 2021, 2022, 2023 और 2024 में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को डिग्री की गई। इन वर्षों के 129 टॉपर्स को मुख्य अतिथि राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने स्वर्ण पदक से सम्मानित किया। इनमें स्नातक (UG) के 33 और स्नात्तकोत्तर (PG) के 96 टॉपर छात्र-छात्राएं शामिल हैं। इनमें चारों सत्र के लिए क्रमशः करीम सिटी कॉलेज की आरती मिश्रा, केएमपीएम वोकेशनल कॉलेज के शिखर राज मिश्रा, को – ऑपरेटिव कॉलेज की स्वीटी कुमारी एवं करीम सिटी कॉलेज के नितिन कुमार गुप्ता को राज्यपाल गंगवार ने बेस्ट ग्रेजुएट के रूप में चांसलर अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया। इनके अलावा 79 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया।

शैक्षणिक शोभायात्रा के साथ मंच पर पहुंचे राज्यपाल

इससे पूर्व राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार टाटा कॉलेज ग्राउंड स्थित हैलीपेड पर पहुंचे। यहां जिला प्रशासन की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उसके बाद दीक्षांत समारोह की परंपरा के मुताबिक शैक्षणिक शोभायात्रा के साथ उन्हें दीक्षांत मंडप में मंच पर लाया गया। शोभायात्रा कुलपति डॉ. अंजिला गुप्ता, कुलसचिव डॉ. परशुराम सियाल, डीएसडब्ल्यू डॉ. संजय यादव, प्रॉक्टर डॉ. राजेंद्र भारती समेत विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी, सिनेट सदस्य, सिंडिकेट सदस्य, डीन एवं हेड शामिल थे।

यहां राज्यपाल ने भारतीय परंपरा के अनुरूप दीप प्रज्जवलित कर समारोह की शुरुआत की। तत्पश्चात उनकी अनुमति से उपाधि वितरण की शुरुआत हुई। समारोह में विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. अशोक कुमार झा समेत सभी कॉलेजों के प्राचार्य व प्रभारी प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।

समारोह में संविधान दिवस के मद्देनजर राज्यपाल समेत विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, अभिभावकों, उपाधिधारकों व कर्मचारियों ने संविधान की प्रस्तावना पढ़ी। साथ ही अपने कर्त्व्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संकल्प लिया। इससे पूर्व कुलपति डॉ. अंजिला गुप्ता ने विश्वविद्यालय की रिपोर्ट प्रस्तुत की। समारोह में राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की स्मारिका का विमोचन किया।

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