CHAIBASA : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर नगर के पोड़ाहाट स्टेडियम में आयोजित सात दिवसीय ओड़िया श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन रविवार की शाम पवित्र एकादशी के अवसर पर श्रद्धालुओं को कृष्ण जन्म की कथा सुनाई गई। कथा व्यास पूज्य पंडित जीतू दाश महाराज ने धर्म की रक्षा के लिए भगवान श्रीकृष्ण के अवतार लेने का महत्व बताया। पूज्य पंडित श्री महाराज ने कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने धर्म की रक्षा के लिए अवतार लिया था।
व्यास जी महाराज ने प्रवचन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन कर धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की महत्ता पर व्याख्यान किया। महाराज ने कहा कि जब-जब अत्याचार, अनाचार व अन्याय बढा है, तब-तब प्रभु का अवतार होता है। अत्याचार को समाप्त कर धर्म की स्थापना को लेकर ही प्रभु का अलग-अलग रूपों में अवतार होता है। जब कंस ने सभी मर्यादाएं तोड दीं, तो प्रभु श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। प्रवचन के क्रम में कथा व्यास ने कहा कि जीवन में अच्छे रास्ते पर जाना है, तो संकल्प लेना जरुरी है। हर बच्चे को अपने माता-पिता व गुरु की बातों को मानना चाहिए। जिन बच्चों के ऊपर माता-पिता का आशीर्वाद है, उन्हें संसार में सब कुछ प्राप्त है। हर एक माता-पिता को चाहिए कि अपने साथ बच्चों को भागवत कथा, सत्संग, कीर्तन में जरूर साथ लाएं।

धर्म की कथा सुनने से बच्चों में अच्छे संस्कार आते हैं। इधर, नगर में श्रीमदभागवत कथा के आयोजन से भक्तिमय माहौल बना हुआ है। कथा व्यास देर रात समाप्त होने के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया। वहीं संध्या चार बजे से छह बजे तक कृष्ण लीला का आयोजन हुआ। प्रसिद्ध कलाकार देवराज क्षत्रिय महाराज की टीम कृष्ण लीला प्रस्तुत की। हालांकि भागवत कथा वाचन के दौरान जन सैलाब उमड़ा था। शाम से देर रात तक श्रद्धालुओं ने भागवत कथा का श्रवण किया। बताया जाता है कि प्रत्येक दिन भक्तों की भीड़ बढ़ती जा रही है।
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