Ranchi : झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले में निलंबित और जेल में बंद आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पूर्व उत्पाद आयुक्त अमित कुमार और जमशेदपुर के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के बाद अब रामगढ़ के डीसी फैज अक अहमद ने भी उनके खिलाफ मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराया है।
सूत्रों के अनुसार, फैज अक अहमद ने अपने बयान में शराब घोटाले से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिसमें विनय चौबे की केंद्रीय भूमिका का जिक्र है। बुधवार को एसीबी कोर्ट की अनुमति पर मजिस्ट्रेट के सामने फैज अक अहमद का बयान दर्ज किया गया। बयान सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को सौंप दिया गया है।
इससे पहले 15 दिसंबर को अमित कुमार और 16 दिसंबर को कर्ण सत्यार्थी ने भी बीएनएसएस की धारा 183 के तहत बयान दर्ज कराए थे, जिसमें दोनों ने चौबे पर शराब ठेका प्रक्रिया में अनियमितताएं बरतने, कमीशन वसूली और नीति में बदलाव कर चहेती कंपनियों को लाभ पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए थे।
इस मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हुई हैं, और जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। विनय चौबे पर आरोप है कि विभाग उनके इशारे पर चलता था, और फाइलों में केवल उनकी मर्जी की नोटिंग होती थी। तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के बयान से जांच को मजबूती मिली है, जिससे चौबे के लिए कानूनी चुनौतियां और गंभीर हो गई हैं।

