Lohardaga (Jharkhand) : झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान को एक बड़ी कामयाबी मिली है। लोहरदगा पुलिस और 32वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की एक संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जेजेएमपी (झारखंड जन मुक्ति परिषद) के कुख्यात उग्रवादी कलेश्वर खेरवार को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी को सूचना मिली थी कि कलेश्वर खेरवार अपने पैतृक गांव ब्राह्मणडीहा में छिपा हुआ है। इस सूचना के बाद, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) वेदांत शंकर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ब्राह्मणडीहा गांव में छापेमारी की और कलेश्वर को धर दबोचा।
सरेंडर के बाद फिर लौटा उग्रवाद की राह पर
एसडीपीओ वेदांत शंकर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि गिरफ्तार कलेश्वर खेरवार का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वह पहले भाकपा (माओवादी) संगठन में सक्रिय था और 2017 में उसने आत्मसमर्पण भी किया था। लेकिन कुछ समय बाद, वह दोबारा जेजेएमपी से जुड़ गया और उग्रवादी गतिविधियों में सक्रिय हो गया।
संगठन के कई अन्य सदस्यों के सुराग मिले
पुलिस के अनुसार, कलेश्वर की गिरफ्तारी से संगठन के अन्य सक्रिय सदस्यों के बारे में कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस ने अब उन सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया है। गिरफ्तार उग्रवादी को 10 सितंबर 2025 को न्यायिक हिरासत में लोहरदगा जेल भेज दिया गया है।
बरामद सामग्री
गिरफ्तारी के समय पुलिस ने कलेश्वर के पास से एक स्मार्टफोन, एक काला बैग, चार एयरटेल सिम कार्ड, एक नेवी ब्लू डायरी और जेजेएमपी संगठन के पर्चे बरामद किए हैं। यह गिरफ्तारी लोहरदगा पुलिस की एक बड़ी सफलता है, जो नक्सल उन्मूलन अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

