रांची : आर्यपुरी के रहने वाले मेजर जनरल सुमित मेहता, अति विशिष्ट सेवा मेडल से नवाजे जाएंगे। रविवार की शाम इसकी घोषणा की गई। मेहता 2024 और 2025 के गणतंत्र दिवस परेड में द्वितीय कमांडिंग आफिसर भी रह चुके हैं। मेजर जनरल सुमित मेहता, वीएसएम को जून 1992 में 44 आर्म्ड रेजिमेंट में कमीशन दिया गया था।

वे डी नोबिली स्कूल, धनबाद, सेंट माइकल स्कूल, पटना, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला और भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून के पूर्व छात्र रहे हैं। उनके माता-पिता जेएल मेहता और कुमुद मेहता रांची में रहते हैं। पिता ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जाहिर की है। कहा, एक पिता का मस्तक ऊंचा किया है। यह हमारे लिए और झारखंड के लिए गर्व की बात है।
बता दें कि वे जम्मू और कश्मीर, सियाचिन ग्लेशियर, अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) और पूर्वी लद्दाख में आपरेशन में सेवा दे चुके हैं। थार रेगिस्तान और पंजाब के मैदानों में भी काम किया है। अन्य नियुक्तियों के अलावा वे थल सेनाध्यक्ष के सहायक डे कैंप (एडीसी), भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून में बटालियन कमांडर और सेना मुख्यालय में स्टाफ पर रहे हैं। सीरिया और इज़राइल में गोलान हाइट्स पर संयुक्त राष्ट्र के साथ काम किया है।
वे टेक स्टाफ आफिसर कोर्स, हायर एयर कमांड और नेशनल डिफेंस कालेज, नैरोबी, केन्या के स्नातक हैं। उनके पास अंतर्राष्ट्रीय संबंध और शांति अध्ययन में मास्टर डिग्री है। इन्हें सेना कमांडरों और थल सेनाध्यक्ष की प्रशंसा मिली है। उन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा विशिष्ट सेवा के लिए 2010 में विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया था।
पत्नी स्वेता मेहता की ललित कला में रुचि है। दो संतानें हैं। बेटी राधिका है डेटा एनालिटिक्स पेशेवर है और बेटा शिवेश भूराजनीति और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में स्नातकोत्तर कर रहा है।
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