Home » Chess world Champion गुकेश की प्राइजमनी का ज्यादातर हिस्सा जाएगा भारत सरकार के खाते में

Chess world Champion गुकेश की प्राइजमनी का ज्यादातर हिस्सा जाएगा भारत सरकार के खाते में

5 करोड़ रुपये से अधिक आय वालों के लिए, 37% तक का अतिरिक्त टैक्स और 4% स्वास्थ्य और शिक्षा लेवी के साथ संयुक्त रूप से, 42% से अधिक का इनकम टैक्स बनता है।

by Reeta Rai Sagar
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

सेंट्रल डेस्कः महज 18 साल की उम्र में, भारतीय शतरंज खिलाड़ी गुकेश डी ने सबसे कम उम्र में विश्व शतरंज चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया है। हालांकि, उनकी लैंडमार्क सक्सेस के बाद से प्राइस मनी और इनकम टैक्स को लेकर तरह-तरह के आकलन किए जा रहे है। कहा जा रहा है कि गुकेश ने आईपीएल में भारतीय क्रिकेटर एमएस धोनी को पूरे सत्र में दिए जाने वाले वेतन को भी पार कर लिया है।

बीते सप्ताह सिंगापुर के रोमांचक फाइनल में चीन के डिंग लीरेन के खिलाफ गुकेश की जीत ने उन्हें वैश्विक ख्याति दिलाई और उन्हें भारतीय शतरंज में एक ट्रेलब्लेज़र के रूप में स्थापित किया। एक ओर जहां गुकेश की जीत ने दुनिया भर में प्रशंसा बटोरी है, तो वहीं यह एक भारी वित्तीय चेतावनी भी साथ लाया है – एक भारी भरकम टैक्स।

धोनी की पूरी सैलरी से भी अधिक टैक्स देंगे गुकेश

विश्व शतरंज चैंपियनशिप से हुई उनकी कमाई, जो कि 11.34 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इसमें से गुकेश को 4.67 करोड़ रुपये उनको भारत सरकार को इनकम टैक्स देना पड़ सकता है। जो के गुकेश के आदर्श एमएस धोनी के 4 करोड़ रुपये के इंडियन प्रीमियर लीग 2025 के वेतन से भी अधिक है।

क्या है भारत में टैक्स सिस्टम

बता दें कि भारत में, 15 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30% का कर निर्धारित किया गया है। 5 करोड़ रुपये से अधिक आय वालों के लिए, 37% तक का अतिरिक्त टैक्स और 4% स्वास्थ्य और शिक्षा लेवी के साथ संयुक्त रूप से, 42% से अधिक का इनकम टैक्स बनता है।

गुकेश की 11.34 करोड़ रुपये की इनामी राशि है। गुकेश ने कुल तीन मैच जीते। FIDE के नियमों के अनुसार शेष को 21 करोड़ रुपये की कुल इनामी राशि में बांटा गया।

क्या कहना है गुकेश का करोड़पति बनने पर

अपनी फाइनेंशियल जर्नी पर बात करते हुए गुकेश ने कहा कि मेरे लिए शतरंज का खेल कभी भी पैसे के बारे में नहीं था बल्कि जुनून और निरंतर प्रयास के बारे में था। व्यक्तिगत रूप से कहूं, तो पैसा मेरे शतरंज खेलने का कारण नहीं है। आगे जब उनसे करोड़पति होने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “यह बहुत मायने रखता है। जब मैं शतरंज खेलने आया, तो हमारे परिवार को कुछ कठिन निर्णय लेने पड़े। मेरे माता-पिता फाइनेंशियल और इमोशनल कठिनाइयों से गुजरे थे। अब, हम अधिक सहज हैं और मेरे माता-पिता को उन चीजों के बारे में सोचने की जरूरत नहीं है।

Finance minister हो रही ट्रोल

गुकेश की प्राइज मनी का ज्यादातर हिस्सा टैक्स के रूप में भारत सरकार के खाते में जाने पर सोशल मीडिया यूजर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लेकर खूब ट्रोल कर रहे है। एक यूजर ने लिखा कि निर्मला सीतारमण एयरपोर्ट के बाहर गुकेश के प्राइजमनी का वेट कर रही है, तो दूसरे ने लिखा गुकेश भी वित्त मंत्री के दिमाग को नहीं हरा सके।

Related Articles