बिहार शरीफ । बिहार के नालंदा जिले में स्थित शीतला माता मंदिर में मंगलवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे में कम आठ महिलाओं की मौत हो गई है, जबकि कई श्रद्धालु घायल हैं। घटना बिहारशरीफ के दीपनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत मघड़ा गांव में स्थित इस प्राचीन मंदिर में पूजा के दौरान अचानक भगदड़ मचने से हुई। इसमें मृतकों और घायलों की पहचान की जा रही है।
प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। हादसे में जान गंवाने वालों में अधिकांश महिलाएं हैं। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है और हर संभव सहायता में जुटी है। उप विकास आयुक्त शुभम कुमार ने कहा कि अत्यधिक भीड़ इस हादसे का मुख्य कारण प्रतीत हो रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह से ही मंदिर में भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। पूजा के दौरान अचानक अफरा-तफरी मच गई और लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे, जिससे हालात बेकाबू हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, कुछ श्रद्धालुओं की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले हो गई, जबकि कुछ ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
मंदिर प्रांगण में लगे सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया जा रहा है। साथ हीं एफएसएल टीम द्वारा घटनास्थल का वैज्ञानिक एवं गहन निरीक्षण किया जा रहा है।”घटना की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष दीपनगर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने किया छह लाख मुआवजे का एलान
इस दुखद घटना पर मुख्समंत्री Nitish Kumar ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में मृतकों के परिजनों को छह-छह लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों का समुचित और बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए। सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया गया है। अस्पताल परिसर और मंदिर क्षेत्र में घटना के बाद अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। प्रशासन लगातार स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज
घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। वहीं विपक्ष के नेता Tejashwi Yadav ने इस घटना को प्रशासनिक कुप्रबंधन का परिणाम बताया है। उन्होंने सरकार से उच्चस्तरीय जांच कराने, घायलों के बेहतर इलाज और मृतकों के परिजनों को तत्काल सहायता देने की मांग की है।
कारणों की जांच जारी
फिलहाल भगदड़ के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और भीड़ प्रबंधन में संभावित चूक की भी पड़ताल की जा रही है। यह हादसा एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के इंतजामों पर सवाल खड़ा करता है। स्थानीय प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही है।

