क्राइम डेस्क : महिलाओं से अपराध के मामले (NCW Report 2023) में यूपी-बिहार देश के 5 शीर्ष राज्यों में शामिल हैं। वर्ष 2023 में महिलाओं से जुड़े अपराध को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने जो आंकड़े जारी किए हैं, उसने कई राज्यों में महिला सुरक्षा की पोल खोल दी है। राष्ट्रीय महिला आयोग की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पूरे साल में महिलाओं के खिलाफ अपराध की 28,811 शिकायतें मिलीं। इसमें आधा से ज्यादा मामले सिर्फ उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं।

उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मामले
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य में महिला सुरक्षा को लेकर बड़े दावे करते हैं, लेकिन राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) के वर्ष 2023 में जारी आंकड़ों ने दावों की पोल खोल कर रख दी है। (NCW Report 2023) एनसीडब्ल्यू को देशभर से मिली महिला अपराध की शिकायतों में 16109 सिर्फ यूपी से हैं, जो कुल शिकायतों का 55 प्रतिशत है। यानी महिला अपराध के मामले में उत्तर प्रदेश देश में पहले नंबर पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में महिलाओं से सबसे ज्यादा अपराध उत्तर प्रदेश में ही होता है।
आयोग के पास करीब 29 हजार शिकायतें आईं
राष्ट्रीय महिला आयोग के जारी रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में 28,811 महिला अपराध से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें गरिमा व शालीनता के अधिकार के तहत 8540 शिकायतें प्राप्त हैं। (NCW Report 2023) गरिमा व शालीनता के अधिकार के अंतर्गत किसी मामले में अगर आरोपी एक महिला है तो, उसपर की जाने वाली कोई भी चिकित्सा जांच प्रक्रिया किसी महिला द्वारा या किसी दूसरी महिला की उपस्थिति में की जाती है।
NCW Report 2023: जानिए पूरी रिपोर्ट
एनसीडब्ल्यू के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा शिकायतें गरिमा के अधिकार श्रेणी में प्राप्त हुईं, जिसमें घरेलू हिंसा के अलावा अन्य उत्पीड़न शामिल है। ऐसी शिकायतों की संख्या 8,540 हैं। (NCW Report 2023) इसके बाद घरेलू हिंसा की 6,274 शिकायतें आईं। आंकड़ों में कहा गया कि दहेज उत्पीड़न की 4,797, छेड़छाड़ की 2,349, महिलाओं के प्रति पुलिस की उदासीनता की 1,618 और दुष्कर्म तथा दुष्कर्म के प्रयास की 1,537 शिकायतें मिलीं। इसी प्रकार सेक्सुअल हैरेसमेंट की 805, साइबर क्राइम की 605, हॉनर क्राइम की 409 शिकायतें प्राप्त हुईं।
दहेज उत्पीड़न आज भी जारी
राष्ट्रीय महिला आयोग के मुताबिक, महिलाओं के खिलाफ दहेज उत्पीड़न आज भी जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं के प्रति पुलिस की उदासीनता, दुष्कर्म, यौन उत्पीड़न का प्रयास भी चिंताजनक तस्वीर पेश करता है। इन श्रेणियों में भी बीते 12 महीने के दौरान सैकड़ों मामले दर्ज किए गए हैं। महिला आयोग ने बताया कि सबसे ऊपर उत्तर प्रदेश है। दूसरे नंबर पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली है। महाराष्ट्र, बिहार और मध्य प्रदेश क्रमश: तीसरे और चौथे और पांचवें नंबर पर हैं।
पिछले साल की तुलना में कम हुए अपराध
आयोग का कहना है कि 2022 के बाद से शिकायतों की संख्या में गिरावट देखी गई। 2022 में एक साल की अवधि में महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़ी कुल 30,864 शिकायतें मिली थीं। यह आंकड़ा आठ साल में (2014 के बाद) सबसे अधिक था। (NCW Report 2023)
महिला अपराध में टॉप 10 राज्य
आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में पिछले वर्ष 2023 में 16,109 शिकायतें महिलाओं से जुड़े अपराध में सामने आए्, तो वहीं दूसरे नंबर पर दिल्ली है, जहां एक साल में 2411 शिकायतें दर्ज हुईं। इसी कड़ी में 1343 मामलों के साथ महाराष्ट्र तीसरे और 1312 मामलों के साथ बिहार चौथे नंबर पर है। टॉप 5 में पांचवें पायदान पर मध्य प्रदेश है, जहां इसी तरह की 1165 शिकायतें दर्ज हुई हैं। (NCW Report 2023) वहीं, टॉप 10 की सूची देखें तो छठे नंबर पर 1115 मामले हरियाणा में, 7वें नंबर पर 1011 मामलों वाला राजस्थान है। जबकि, 608 मामले तमिलनाडु में सामने आए जो इस सूची में आठवें नंबर पर है।
वहीं, नौवें पायदान पर पश्चिम बंगाल है, जहां महिला अपराध से जुड़े 569 मामले दर्ज हुए, जबकि 10वें नंबर पर कर्नाटक है, जहां इसी तरह के 501 मामले आए।
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