
रांची : झारखंड में ग्रामीण सड़कों और पुलों के निर्माण की योजनाओं का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) अब नए शेड्यूल ऑफ रेट (एसओआर) के आधार पर तैयार किया जाएगा। राज्य सरकार ने 30 अगस्त को नया एसओआर तैयार कर कार्य विभागों को भेज दिया है। इसके बाद ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियरों को नए निर्माण दर के अनुसार डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया गया है। पहले तैयार किए गए डीपीआर में भी अब संशोधन किया जाएगा।
विभागीय इंजीनियरों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीण सड़क योजना के तहत राज्य में डीपीआर तैयार करने का काम चल रहा था। करीब 50 सड़कों का डीपीआर तैयार कर लिया गया था। ये सड़कें विभिन्न विधायकों की अनुशंसा पर प्रस्तावित योजनाओं में शामिल हैं। इन डीपीआर को तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद प्रशासनिक स्वीकृति के लिए ग्रामीण कार्य विभाग को भेजा गया था। लेकिन नए एसओआर के लागू होने के बाद अब इनका प्राक्कलन नए सिरे से तैयार करना होगा।
चार साल बाद बदली निर्माण दर
ग्रामीण सड़कों के डीपीआर अब तक वर्ष 2022 के एसओआर के आधार पर तैयार किये जा रहे थे। पिछले चार वर्षों में बालू, गिट्टी, मिट्टी समेत कई निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि हुई है। इससे सड़क और पुल निर्माण की लागत बढ़ गयी है। पुराने रेट पर योजनाओं का प्राक्कलन तैयार करने से निर्माण कार्य की वास्तविक लागत का आकलन नहीं हो पा रहा था। ठेकेदारों की ओर से भी निर्माण दर में संशोधन की मांग की जा रही थी।
इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2026 के लिए नया एसओआर निर्धारित किया है। अब ग्रामीण सड़कों और पुलों के डीपीआर में नए रेट को शामिल किया जाएगा। इससे प्रत्येक योजना की संशोधित लागत भी बढ़ सकती है।
50 डीपीआर फिर होंगे तैयार
विधायक योजना के तहत राज्य के विधानसभा क्षेत्रों में ग्रामीण सड़कों की योजनाएं ली जानी हैं। विभागीय स्तर पर करीब 82 विधायकों की अनुशंसा से योजनाएं लिए जाने का प्रावधान है। इनमें करीब 50 सड़कों का डीपीआर पहले ही तैयार हो चुका है। नए एसओआर के कारण इन सभी डीपीआर में संशोधन कर संशोधित प्राक्कलन तैयार किया जाएगा।
ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियरों को नई दर के आधार पर डीपीआर तैयार करने को कहा गया है। इसके बाद संशोधित प्राक्कलन दोबारा तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया में जाएगा।
15 करोड़ तक की अनुशंसा का प्रावधान
विधायक योजना के तहत ग्रामीण सड़कों के लिए प्रत्येक विधायक को 15 करोड़ रुपये तक की योजनाओं की अनुशंसा करने का प्रावधान है। विधानसभा वार अनुशंसित योजनाओं के आधार पर ग्रामीण सड़कों के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जाएगी। जरूरत के अनुसार संबंधित सड़क से जुड़े पुल-पुलिया के कार्य भी योजना में शामिल किये जा सकते हैं।
टेंडर से पहले पूरी होगी नई प्रक्रिया
इंजीनियरों के अनुसार, नये एसओआर के आधार पर 50 तैयार डीपीआर में संशोधन करने और संशोधित प्राक्कलन तैयार करने में करीब एक से दो माह लग सकते हैं। इसके बाद प्रशासनिक स्वीकृति, टेंडर और अन्य प्रक्रियाएं पूरी होंगी। इसके बाद ही संबंधित ग्रामीण सड़कों के निर्माण का काम शुरू हो सकेगा। यानी नये एसओआर के कारण पहले से तैयार योजनाओं के निर्माण कार्य शुरू होने की प्रक्रिया कुछ समय आगे बढ़ सकती है।
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